छत्तीसगढ़
जग्गी हत्याकांड में अमित जोगी को बड़ी राहत: सुप्रीम कोर्ट ने दोषसिद्धि और उम्रकैद पर लगाई रोक

रायपुर | 23 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़ के चर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में बड़ा मोड़ आया है। अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि और उम्रकैद की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है।
अमित जोगी ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए 3 हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था।
क्या है पूरा मामला?
- साल 2003 में राम अवतार जग्गी की हत्या हुई थी।
- मामले की जांच 2004 में CBI को सौंपी गई।
- 2007 में ट्रायल कोर्ट ने 28 आरोपियों को उम्रकैद दी, लेकिन सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया।
- पीड़ित पक्ष ने फैसले को चुनौती दी, जिसके बाद मामला फिर हाईकोर्ट पहुंचा।
- हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटते हुए अमित जोगी को दोषी ठहराया।
अब क्या हुआ?
सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल:
- दोषसिद्धि पर रोक लगाई
- उम्रकैद की सजा पर भी स्टे दिया
इस फैसले से अमित जोगी को बड़ी कानूनी राहत मिली है, जबकि मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी।
राजनीतिक असर भी संभव
यह मामला छत्तीसगढ़ की राजनीति में लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। अजीत जोगी के परिवार से जुड़ा होने के कारण इस फैसले के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं।
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