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Bastar news update:बस्तर की सात बड़ी खबरें: उलूर-सांड्रा में जंगल सफारी शुरू, धान कटाई प्रभावित, पूर्व सरपंच हत्याकांड में पत्नी गिरफ्तार

बीजापुर,4 नवंबर 2026

उलूर-सांड्रा के जंगलों में शुरू हुई सफारी, कभी नक्सलियों का गढ़ रहा इलाका अब बनेगा पर्यटन का नया केंद्र

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में पर्यटन की नई संभावनाओं के द्वार खुलने लगे हैं। बीजापुर जिले के भोपालपटनम ब्लॉक स्थित उलूर-सांड्रा के जंगलों में 1 नवंबर से जंगल सफारी की शुरुआत हो चुकी है। कभी नक्सलियों की गतिविधियों और निगरानी के चलते आम लोगों की पहुंच से दूर रहा यह इलाका अब पर्यटकों के लिए खुल रहा है।

इंद्रावती टाइगर रिजर्व के इस क्षेत्र में वन विभाग ने पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल की है। 2,799.07 वर्ग किलोमीटर में फैले इस टाइगर रिजर्व में बाघ, तेंदुआ, जंगली भैंसा, गौर, सांभर और भालू जैसे वन्यजीव मौजूद हैं।

शुरुआती चरण में उल्लूर गांव से दंडापार्टी तक करीब 9 किलोमीटर के रूट पर चार जिप्सियों के माध्यम से सफारी कराई जा रही है। वन विभाग ने बफर क्षेत्र में करीब 33 किलोमीटर का सफारी रूट चिह्नित किया है। प्रति वाहन प्रतिदिन 2 हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है।

स्थानीय छह युवाओं को गाइड और वाहन चालक के रूप में प्रशिक्षित किया गया है। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। अब पर्यटन विकास के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण पर विशेष ध्यान देना चुनौती होगी।

धरमपुरा से परपा तक सड़क पर जगह-जगह गड्ढे, राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी

जगदलपुर। सड़क निर्माण के बाद उसका रखरखाव नहीं होने से लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। जगदलपुर में धरमपुरा से कांगोली डोंगरीपारा होते हुए परपा पहुंच मार्ग की स्थिति बदहाल हो गई है।

इस मार्ग के निर्माण से आसपास के लोगों को आवागमन में सुविधा मिली थी और वाहनों की आवाजाही भी बढ़ी थी, लेकिन अब सड़क पर जगह-जगह गड्ढे उभर आए हैं। कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत भी उखड़ चुकी है।

इसका सबसे ज्यादा खामियाजा दोपहिया वाहन चालकों को भुगतना पड़ रहा है। वाहन चालकों को गड्ढों से बचाकर निकलना पड़ता है। रात के समय पर्याप्त रोशनी नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यातायात बढ़ने के बावजूद सड़क के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क का निरीक्षण कर जल्द मरम्मत कराने की मांग की है।

दीपा की मौत के बाद बाफना लाइफ स्टाइल के बाहर परिजनों का हंगामा, हत्या की आशंका जताकर निष्पक्ष जांच की मांग

जगदलपुर। गोलबाजार स्थित बाफना लाइफ स्टाइल शो रूम में सेल्सगर्ल दीपा सागर की संदिग्ध मौत के बाद मामला गरमा गया है। मंगलवार को परिजनों और वार्डवासियों ने प्रतिष्ठान का घेराव कर न्याय की मांग की।

जानकारी के अनुसार, 21 वर्षीय दीपा 21 अक्टूबर से शो रूम में काम कर रही थी। परिजनों के मुताबिक सोमवार शाम करीब 6 बजे से उसका कोई पता नहीं चल रहा था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिवार के लोग उसकी तलाश में दुकान पहुंचे, लेकिन उन्हें संतोषजनक जानकारी नहीं मिली।

अगले दिन दुकान की छत पर दीपा का शव मिलने की सूचना से परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज दिखाने में देरी और दुकान प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शव पर चोट और नाखून के निशान दिखाई दिए हैं।

परिजन मौत को सामान्य आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जता रहे हैं। मंगलवार को आक्रोशित लोगों ने प्रतिष्ठान का घेराव किया। इस दौरान गमले तोड़े गए और शटर पर पथराव भी हुआ।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। अधिकारियों ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक साक्ष्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत की वास्तविक वजह पता लगाने में जुटी है।

मौसम की मार से थमी धान कटाई, मक्का और सब्जियों पर भी मंडराया नुकसान का खतरा, पांच जिलों में यलो अलर्ट

जगदलपुर। चक्रवाती तूफान मुरासु के प्रभाव से बस्तर संभाग में मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। मंगलवार सुबह भी संभाग के कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश होती रही।

लगातार नमी के कारण खेतों में धान की कटाई प्रभावित हो रही है। वहीं मक्का की तुड़ाई भी अटक गई है। जिन किसानों ने धान काट लिया है, उनके सामने कटी फसल को बारिश से बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।

मौसम की मार केवल धान और मक्का तक सीमित नहीं है। सब्जी उत्पादक किसानों को भी उत्पादन और गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका सता रही है। यदि बारिश जारी रही तो बाजार में सब्जियों की आवक घट सकती है और कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।

मौसम विभाग ने बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर और कोंडागांव जिले में भारी बारिश की आशंका जताते हुए यलो अलर्ट जारी किया है। अगले 24 घंटे किसानों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

छोटेडोंगर के किसानों पर दोहरी मार, पहले बाढ़ और अब बेमौसम बारिश ने बढ़ाई चिंता, मुआवजे की मांग

नारायणपुर। जिले के छोटेडोंगर क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले बाढ़ से फसल को नुकसान हुआ और अब बेमौसम बारिश ने खेतों में तैयार धान की फसल पर संकट खड़ा कर दिया है।

लगातार बारिश के कारण धान की फसल गिरने, गुणवत्ता खराब होने और कटाई में देरी की आशंका बढ़ गई है। किसानों के सामने तैयार फसल को समय पर काटकर सुरक्षित रखने की चुनौती है।

खेती के लिए खाद, बीज और अन्य संसाधनों पर पहले ही बड़ी रकम खर्च हो चुकी है। कई किसानों पर कृषि ऋण चुकाने की जिम्मेदारी भी है। ऐसे में यदि बची हुई फसल भी खराब होती है तो उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ सकती है।

किसानों ने प्रशासन से प्रभावित खेतों का सर्वे कराकर पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा और राहत देने की मांग की है। साथ ही फसल बीमा और कृषि ऋण के मामलों में भी राहत दिलाने की अपील की है।

पूर्व सरपंच गोविंद नेताम हत्याकांड में पत्नी भगनी नेताम गिरफ्तार, बेड़मा में घेराबंदी कर पुलिस ने पकड़ा

कोंडागांव। पूर्व सरपंच गोविंद नेताम की हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उनकी पत्नी भगनी नेताम को गिरफ्तार किया है। ग्राम अरंडी में गोविंद नेताम की उनके ही घर में धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद आरोपी महिला फरार हो गई थी।

जांच के दौरान पुलिस को मृतक की पत्नी की भूमिका संदिग्ध लगी। लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने बेड़मा में घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

एसडीओपी अरुण नेताम ने बताया कि घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ और विवेचना में सामने आया कि गोविंद नेताम पर धारदार हथियार से हमला उनकी पत्नी ने ही किया था।

ग्रामीणों के अनुसार, भगनी नेताम पिछले करीब तीन वर्षों से गोविंद नेताम के साथ रह रही थी। पुलिस के मुताबिक महिला पहले अपने पूर्व पति की हत्या के मामले में भी जेल जा चुकी है। हालांकि वर्तमान हत्याकांड के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हुई है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

जमीन के पट्टों पर बड़ा सवाल, 5 नवंबर को सुकमा के हड़मा स्टेडियम में जुटेगा बस्तरिया राज मोर्चा

सुकमा। जिले में जमीन के पट्टों को लेकर बस्तरिया राज मोर्चा ने आंदोलन का ऐलान किया है। मोर्चा की ओर से 5 नवंबर को जिला मुख्यालय स्थित हड़मा स्टेडियम में जिला स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

मोर्चा का आरोप है कि जिले के कई गांवों में मूल निवासियों की पुश्तैनी खेती की जमीन पर बाहरी लोगों के नाम से पट्टे दर्ज हैं। संगठन इन कथित फर्जी पट्टों को निरस्त कर वास्तविक कब्जाधारी किसानों को वैध पट्टा देने की मांग करेगा।

मोर्चा की जिला कमेटी प्रभारी रामा सोड़ी के मुताबिक सुकमा, छिंदगढ़ और कोंटा तीनों ब्लॉकों में आंदोलन की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

छिंदगढ़ के मिचवार, पाईकपारा, गरीपाल और कुन्ना सहित कई गांवों में ऐसी शिकायतें सामने आने का दावा किया गया है। वहीं सुकमा ब्लॉक के सोनाकुकानार, गिरदालपारा, केरलापाल और चिकपाल सहित अन्य गांवों के नाम भी सूची में शामिल हैं।

कोंटा ब्लॉक के मुकरम, चिंतलनार, चिमलीपेंटा, गगनपल्ली और मेहता सहित कई गांवों में भी पट्टों को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

मोर्चा ने ग्रामीणों से पुराने और मौजूदा राजस्व रिकॉर्ड जुटाने की अपील की है। आंदोलन में वनभूमि के पट्टे, कथित फर्जी पट्टों को निरस्त करने और मूल निवासियों को जमीन का अधिकार देने की मांग उठाई जाएगी।

राम वन गमन पथ का बदल सकता है नक्शा, ऐतिहासिक और पुरातात्विक प्रमाणों के आधार पर बनेगी नई योजना

जगदलपुर। भगवान राम के वनवास से जुड़ी मान्यताओं और बस्तर की ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने वाली राम वन गमन पथ परियोजना का स्वरूप बदल सकता है। राज्य की भाजपा सरकार इस परियोजना को ऐतिहासिक, पुरातात्विक और धार्मिक प्रमाणों के आधार पर नए सिरे से तैयार करने की तैयारी कर रही है।

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक पर्यटन विभाग ने दूसरे चरण के लिए नई कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में गठित समिति की रिपोर्ट को आधार बनाया जाएगा। इस समिति ने भगवान राम के वनगमन मार्ग से जुड़े स्थलों का अध्ययन किया था।

बस्तर संभाग में कांकेर के रामपुर जुनावनी, केशकाल और गढ़धनोरा को इस मार्ग से जोड़ने की बात है। इसके अलावा चित्रकोट, रामपाल, तीरथगढ़ और कोटमसर की गुफा भी प्रस्तावित स्थलों में शामिल हैं।

दंतेवाड़ा में बारसूर और मां दंतेश्वरी मंदिर तथा सुकमा में रामाराम और इंजरम को भी इस पर्यटन परिपथ से जोड़ने की योजना है।

पूर्व में मार्ग चयन और करोड़ों रुपये के खर्च को लेकर अनियमितताओं के आरोप लगे थे। इनकी जांच कराने का निर्णय भी लिया गया है। अब पर्यटन विभाग संशोधित प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजेगा। नई योजना में ऐतिहासिक तथ्यों को कितनी प्राथमिकता मिलती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

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