NEET पेपर लीक पर भड़का AYSU, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग; कहा- 24 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

जगदलपुर/बस्तर। देशभर में आयोजित NEET परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले को लेकर आदिवासी युवा छात्र संगठन (AYSU) ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के संभाग अध्यक्ष लक्ष्मण बघेल ने मामले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह केवल परीक्षा में गड़बड़ी नहीं, बल्कि करीब 24 लाख विद्यार्थियों के भविष्य के साथ सीधा अन्याय है।
लक्ष्मण बघेल ने कहा कि लाखों छात्र-छात्राएं दिन-रात मेहनत कर डॉक्टर बनने का सपना देखते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनती विद्यार्थियों का मनोबल तोड़ रही हैं। इससे देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियों से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की बात कही।
AYSU ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
लक्ष्मण बघेल ने चेतावनी देते हुए कहा, “यदि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो छात्र संगठन सड़क से सदन तक आंदोलन करने को मजबूर होगा।”
संगठन ने विद्यार्थियों और अभिभावकों की चिंताओं को जायज बताते हुए कहा कि देश का युवा न्याय चाहता है, भ्रष्ट व्यवस्था नहीं।
✊ “मेहनत करने वाले छात्रों के सपनों का सौदा बंद करो”
✊ “शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करो”




