अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका, रिपब्लिकन पार्टी दोनों सदनों में पिछड़ी, डेमोक्रेट्स ने बहुमत हासिल किया

अमेरिका,4 नवंबर 2026
US Midterm Election Results 2026: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव 2026 के नतीजों में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है। चुनावी नतीजों में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) और सीनेट दोनों में बहुमत हासिल कर लिया है। दोनों सदनों में करारी शिकस्त के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने चुनावी नतीजों को स्वीकार करने और विपक्ष के साथ मिलकर काम करने की बात कही है।
चुनाव परिणामों पर अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि उनका नाम चुनावी बैलेट पर नहीं था। अगर उनका नाम बैलेट पर होता तो उनकी पार्टी बड़े अंतर से जीतती। उन्होंने कहा कि वह इन नतीजों को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों पार्टियां मिलकर कोई रास्ता निकाल सकेंगी।
प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेट्स आगे, बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत
अमेरिकी संसद के प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में कुल 435 सीटें हैं और सभी सीटों पर चुनाव हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी ने 204 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी 123 सीटों पर आगे है।
प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के लिए 218 सीटों की जरूरत होती है। चुनावी रुझानों में डेमोक्रेट्स को बढ़त मिलने से पार्टी की स्थिति मजबूत नजर आ रही है।
सीनेट में भी डेमोक्रेटिक पार्टी ने हासिल किया बहुमत
अमेरिकी सीनेट की कुल 100 सीटों में से इस चुनाव में 35 सीटों पर मतदान हुआ। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक 23 सीटों के नतीजे सामने आए हैं। इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी ने 15 और रिपब्लिकन पार्टी ने 8 सीटें जीती हैं। बाकी 12 सीटों पर मतगणना जारी बताई गई है।
कुल आंकड़ों के मुताबिक, सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 52 सीटें और रिपब्लिकन पार्टी के पास 41 सीटें हैं। सीनेट में बहुमत के लिए 51 सीटों की जरूरत होती है। इस तरह डेमोक्रेट्स ने सीनेट में भी बहुमत हासिल कर लिया है।
लिंडसे ग्राहम की बहन डार्लिन ग्राहम को मिली हार
चुनाव में भारत विरोधी रुख के लिए चर्चा में रहे लिंडसे ग्राहम की बहन डार्लिन ग्राहम को भी हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें साउथ कैरोलिना से अमेरिकी सीनेट चुनाव में एनी एंड्र्यूज ने हराया। हालांकि दोनों उम्मीदवारों के बीच जीत और हार का अंतर कम बताया गया है।
जीत के बाद जॉन ओसॉफ का ट्रंप पर हमला
अमेरिकी सीनेट में जॉन ओसॉफ एक बार फिर निर्वाचित हुए हैं। उन्होंने शानदार जीत दर्ज करने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर निशाना साधा।
ओसॉफ ने कहा कि जनता ने इस बड़ी जीत के जरिए राष्ट्रपति ट्रंप के भ्रष्ट सिस्टम को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में लगातार हमलों के बीच लोकतंत्र के भविष्य को लेकर जो आशंकाएं थीं, चुनाव परिणामों ने उन लोगों को नई उम्मीद दी है।
अमेरिका को मिली पहली अश्वेत महिला गवर्नर
इन चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की कीशा लांस बॉटम्स ने जॉर्जिया के गवर्नर पद का चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया है। वह अमेरिका की पहली अश्वेत महिला गवर्नर बन गई हैं।
उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रिक जैक्सन को हराया। उनकी जीत के साथ जॉर्जिया में गवर्नर का पद रिपब्लिकन पार्टी के हाथ से निकलकर डेमोक्रेटिक पार्टी के पास चला गया है।
संसद में बढ़ेंगी ट्रंप की मुश्किलें, सरकार के फैसलों पर उठेंगे सवाल
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद होते हैं। इनमें प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की करीब एक तिहाई सीटों पर चुनाव कराया जाता है। इन चुनावों से तय होता है कि संसद के दोनों सदनों में किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा।
डेमोक्रेट्स के दोनों सदनों में बहुमत हासिल करने से राष्ट्रपति ट्रंप की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। प्रतिनिधि सभा की कई महत्वपूर्ण संसदीय समितियों का नियंत्रण अब डेमोक्रेट्स के हाथ में आ सकता है।
इन समितियों के माध्यम से ट्रंप प्रशासन के फैसलों पर सवाल उठाए जा सकेंगे। सरकारी अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है और दस्तावेजों की मांग के साथ जरूरत पड़ने पर समन भी जारी किए जा सकते हैं।
इस तरह अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के नतीजे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माने जा रहे हैं। अब देखना होगा कि संसद में विपक्ष के मजबूत होने के बाद अमेरिकी राजनीति और सरकार के कामकाज पर इसका क्या असर पड़ता है।




