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माता रुक्मिणी आश्रम पहुंचे राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा, पद्मश्री धर्मपाल सैनी से की मुलाकात

आश्रम की व्यवस्थाओं, शिक्षकों के रिक्त पदों और लंबित स्वीकृतियों पर हुई विस्तृत चर्चा, अधिकारियों को समीक्षा कर रिपोर्ट तैयार करने के दिए निर्देश

जगदलपुर 26 अक्टूबर 2026

छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने 26 अक्टूबर को डिमरापाल स्थित माता रुक्मिणी आश्रम पहुंचकर संस्थान के संचालक एवं पद्मश्री सम्मानित धर्मपाल सैनी से सौहार्दपूर्ण मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने आश्रम की संचालन व्यवस्थाओं, वर्तमान आवश्यकताओं और संस्थान से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। आश्रम की व्यवस्थाओं और समस्याओं की जानकारी मिलने के बाद श्री मिश्रा रायपुर से सीधे यहां पहुंचे थे।

गौरतलब है कि माता रुक्मिणी आश्रम वर्ष 1976 से बस्तर अंचल में शिक्षा, खेल और जनजातीय कल्याण के क्षेत्र में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। मुलाकात के दौरान आश्रम की कार्यकारिणी, सचिव पद के प्रभार से जुड़े विषयों के साथ-साथ आश्रम से संबद्ध विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों तथा वित्त एवं शिक्षा विभाग से संबंधित लंबित स्वीकृतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने मौके पर उपस्थित स्थानीय एसडीएम सत्येन्द्र बंजारे और आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त गणेश शोरी को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने आश्रम की नियमावली (बायलॉज) के अनुरूप पूरे प्रकरण की गहन समीक्षा करने तथा विद्यालयों में शिक्षकों की उचित व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा, ताकि संबंधित समस्याओं का त्वरित एवं स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

इस अवसर पर श्री मिश्रा ने बस्तर के जनजातीय समाज के बच्चों को शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने, खेल प्रतिभाओं को निखारने और उनके सर्वांगीण विकास में पद्मश्री धर्मपाल सैनी एवं माता रुक्मिणी आश्रम के दशकों लंबे योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत और छत्तीसगढ़ अंजोर के संकल्प को साकार करने में ऐसे सेवाभावी संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये संस्थान दूरस्थ अंचलों के बच्चों को शिक्षा और बेहतर भविष्य की दिशा देने के साथ समाज के समग्र विकास में भी अहम योगदान दे रहे हैं।

अंत में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने आश्वस्त किया कि माता रुक्मिणी आश्रम के जनसेवा एवं कल्याणकारी कार्यों के सुचारू संचालन के लिए शासन-प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। अब अधिकारियों को सौंपी गई समीक्षा और रिपोर्ट की जिम्मेदारी से आश्रम से जुड़ी लंबित समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी है। बस्तर के आदिवासी बच्चों के भविष्य को संवारने में दशकों से जुटे इस संस्थान को आवश्यक प्रशासनिक सहयोग मिलना क्षेत्र की शिक्षा और प्रतिभा विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

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