मुरिया दरबार की परंपरा पर विवाद: कांग्रेस ने लगाया आदिवासी आस्था से खिलवाड़ का आरोप, सांसद महेश कश्यप बोले- पुरानी व्यवस्था कायम

जगदलपुर,21 अक्टूबर 2026
बस्तर दशहरा के तहत 23 अक्टूबर को आयोजित होने वाले पारंपरिक मुरिया दरबार को लेकर बस्तर में सियासत तेज हो गई है। इस वर्ष राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुरिया दरबार में शामिल होंगी। इससे पहले दरबार के नाम और आयोजन स्थल को लेकर विवाद सामने आया है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि आदिवासी आस्था और परंपरा से जुड़े मुरिया दरबार का नाम बदलने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि सिरहासार भवन के स्थान पर लालबाग मैदान में आयोजन किए जाने से लोगों की आस्था को ठेस पहुंच सकती है।
दरअसल, जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर की ओर से रस्मों की एक सूची जारी की गई थी, जिसमें मुरिया दरबार की जगह आम दरबार का उल्लेख था। इस पर विरोध के बाद प्रशासन ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि नाम और स्थान में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि सभी रस्मों का आयोजन पुरानी व्यवस्था के तहत ही किया जा रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सिरहासार भवन में आयोजित मुरिया दरबार के साथ ही लालबाग मैदान में आयोजित आमसभा में भी शामिल होंगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग अफवाह फैलाकर लोगों को भ्रमित कर रहे हैं।




