बस्तर में बाढ़ से निपटने एनएमडीसी की बड़ी पहल: पुणे से 48 घंटे में 4 रेस्क्यू बोट मंगाईं, प्रशासन को सौंपी

जगदलपुर, 30 सितंबर 2026/ बस्तर संभाग और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते उत्पन्न हुई गंभीर बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के प्रमुख उपक्रम एनएमडीसी लिमिटेड ने अभूतपूर्व तत्परता दिखाई है। छत्तीसगढ़ शासन से राहत और बचाव कार्यों के लिए आपातकालीन सहायता का अनुरोध मिलते ही कंपनी ने युद्धस्तर पर संसाधन जुटाते हुए महज 48 घंटे के भीतर पुणे से चार अत्याधुनिक रेस्क्यू स्पीड बोट उपलब्ध करा दी हैं। प्रत्येक बोट लगभग 8 से 10 व्यक्तियों की वहन क्षमता वाली है, जिन्हें आपदा प्रबंधन के कड़े सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। यह त्वरित पहल एनएमडीसी स्टील लिमिटेड द्वारा पूर्व में दी गई रेस्क्यू बोट और प्रभावित क्षेत्रों में जारी खाद्य एवं राहत सामग्री वितरण अभियान के अतिरिक्त है।
इन चारों स्पीड बोट को बुधवार 30 सितंबर को नगरनार पंचायत भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा को विधिवत सौंप दिया गया। इस अवसर पर जनसमूह को संबोधित करते हुए बस्तर सांसद महेश कश्यप ने एनएमडीसी प्रबंधन की सराहना की और कहा कि यह बाढ़ एक अभूतपूर्व आपदा के रूप में सामने आई है। उन्होंने बताया कि स्टील प्लांट द्वारा पूर्व में उपलब्ध कराई गई नाव और राहत सामग्री के बावजूद जलभराव की विकरालता को देखते हुए अतिरिक्त संसाधनों की सख्त जरूरत थी। प्रबंधन से चर्चा होते ही पुणे से इन बोटों को तत्काल मंगाकर प्रशासन को सौंपना बेहद सराहनीय कदम है। इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को उचित मुआवजा दिलाने की दिशा में भी प्रशासन के साथ निरंतर संवाद की बात कही।
कार्यक्रम में कलेक्टर आकाश छिकारा ने एनएमडीसी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनजीवन को जल्द से जल्द पटरी पर लाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और समाज के विभिन्न वर्गों व औद्योगिक प्रतिष्ठानों का सहयोग इस दिशा में बल प्रदान कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि संकट की इस घड़ी में एनएमडीसी का यह सहयोग आगे भी जारी रहेगा। वहीं, नगरनार स्टील प्लांट के अधिशासी निदेशक प्रमोद कुमार ने इस्पात उत्पादन में बस्तर क्षेत्र के रणनीतिक महत्व को रेखांकित करते हुए क्षेत्र के विकास और सुरक्षा के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
महज दो दिनों के रिकॉर्ड समय में उपलब्ध कराई गई इन स्पीड बोटों से जिला प्रशासन की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इनका सीधा लाभ नगरनार, भेजापदर, करनपुर और उपनपाल सहित आसपास की उन तमाम बाढ़ प्रभावित ग्राम पंचायतों को मिलेगा, जहां जलभराव के कारण संपर्क टूट गया है। इन आधुनिक नावों के जरिए फंसे हुए ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने, चिकित्सा सहायता पहुंचाने और जरूरी राशन सामग्री के परिवहन में काफी तेजी आएगी।
एनएमडीसी के निदेशक (कार्मिक) कृष्ण कुमार ठाकुर ने इस पहल पर अपना संदेश देते हुए स्पष्ट किया कि परिचालन क्षेत्रों और वहां रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा एवं कल्याण कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने दोहराया कि संकट के इस दौर में एनएमडीसी स्थानीय प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है और प्रभावित समुदायों को समय पर हर जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के लिए संकल्पित है।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर पैलेट प्लांट के अधिशासी निदेशक के.पी. सिंह, जनपद अध्यक्ष पदलाम नाग, जनपद सदस्य अर्जुन सेठिया, नगरनार सरपंच उमाकांतो बघेल, करनपुर सरपंच गीताजंली नागेश, भेजापदर सरपंच भुवनेश्वरी बघेल, पूर्व सरपंच चंपा बाई सहित अनेक स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।




