
बकावंड,1 सितंबर 2026
विकासखंड बकावंड का मुख्य मार्ग इन दिनों गंदगी और प्रशासनिक लापरवाही की तस्वीर पेश कर रहा है। सड़क किनारे बनी नालियां कचरे, पॉलीथिन, कीचड़ और मलबे से पूरी तरह पट चुकी हैं। नालियों में पानी की निकासी बाधित होने से जगह-जगह गंदा पानी जमा है, जिससे तेज दुर्गंध उठ रही है। इसके कारण स्थानीय दुकानदारों, रहवासियों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य बिंदु
- कीचड़ और मलबे से पटी नालियां: लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण नालियों में गंदगी और जमा पानी की स्थिति बनी हुई है।
- डेंगू-मलेरिया का बढ़ा खतरा: जमा पानी में मच्छरों के पनपने से ग्रामीणों में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों को लेकर चिंता बढ़ी है।
- मुख्य मार्ग पर बदबू से परेशानी: तेज दुर्गंध के कारण दुकानदारों, स्थानीय निवासियों और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
- प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल: ब्लॉक मुख्यालय होने के बावजूद सफाई व्यवस्था बदहाल होने पर ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी जताई है।
- तत्काल सफाई की मांग: ग्रामीणों ने नालियों की सफाई, जल निकासी दुरुस्त करने और एंटी-लार्वा दवा के छिड़काव की मांग की है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नालियों की लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। गंदे पानी में मच्छरों के पनपने से लोगों में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ने की चिंता है। ग्रामीणों ने समय रहते नालियों की सफाई कराने के साथ ही एंटी-लार्वा दवा के छिड़काव और नियमित सफाई व्यवस्था की मांग की है।
बकावंड ब्लॉक मुख्यालय होने के कारण यहां रोजाना बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, पंचायत कर्मचारी और आम नागरिक पहुंचते हैं। मुख्य मार्ग पर ही इस तरह की स्थिति होने के बावजूद जिम्मेदारों का ध्यान नहीं जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि स्वच्छता अभियान के दावों के बावजूद बस्ती और मोहल्लों की कई नालियां कीचड़ और गंदगी से भरी पड़ी हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा और बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सफाई अभियान चलाकर नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है।




