छत्तीसगढ़बस्तर संभाग

बस्तर में बाघ की आहट से दहशत, मधोता के बाद लामकेर में बैल का शिकार; ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह

बस्तर,10 अगस्त 2026

बस्तर विकासखंड के ग्राम पंचायत मधोता के बाद अब लामकेर के जंगल क्षेत्र में बाघ की मौजूदगी की आशंका ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। लामकेर के जंगल में एक बैल का शिकार किए जाने की घटना सामने आई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, गत रात्रि लामकेर के जंगल क्षेत्र में एक बैल को किसी जंगली जानवर ने अपना शिकार बना लिया। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। वन विभाग के अधिकारी सूरज कुमार कश्यप के अनुसार, मौके पर मिले साक्ष्यों के आधार पर बैल का शिकार बाघ द्वारा किया गया है।

मधोता के बाद लामकेर में बाघ की गतिविधि की आशंका

गौरतलब है कि इससे पहले मधोता के नकटामुंडा क्षेत्र में जंगली जानवर के पदचिन्ह मिलने की जानकारी सामने आई थी। अब लामकेर में बैल के शिकार की घटना के बाद क्षेत्र में बाघ की गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।

मधोता का जंगल लामकेर होते हुए बस्तर के विस्तृत जंगल क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। जंगल का यह प्राकृतिक जुड़ाव जंगली जानवरों के आवागमन के लिए रास्ता उपलब्ध कराता है। ऐसे में लगातार सामने आ रही घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में सतर्कता बढ़ गई है।

खेती-बाड़ी के सीजन में बढ़ी चिंता

वर्तमान में खेती-बाड़ी का सीजन चल रहा है और बड़ी संख्या में ग्रामीण सुबह से शाम तक खेतों में काम करने के लिए जा रहे हैं। कई खेत जंगल और झाड़ी वाले इलाकों से सटे हुए हैं। ऐसे में जंगली जानवर की मौजूदगी ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि खेतों में काम करने के दौरान अब विशेष सावधानी बरतना जरूरी हो गया है।

कोटवार के जरिए कराई गई मुनादी

ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए लामकेर के सरपंच लक्ष्मण कश्यप ने गांव में कोटवार के माध्यम से मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

ग्रामीणों से कहा गया है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और विशेषकर सुबह-शाम खेतों तथा जंगल क्षेत्र में जाते समय सावधानी बरतें। खेती के मौसम में ग्रामीणों का लगातार खेतों में आना-जाना होने के कारण अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की गई है।

वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

वन विभाग के अधिकारी सूरज कुमार कश्यप के मुताबिक घटना स्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर बैल का शिकार बाघ द्वारा किए जाने की पुष्टि की गई है। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, जंगल में अकेले न जाएं और बाघ या किसी अन्य जंगली जानवर की गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें।

Related Articles

Back to top button
You Cannot able to copy the content! All Reserved Rights of Bastar Dagar