ग्राम पंचायत किंजोली में वित्त योजना के नाम पर गड़बड़ी का आरोप, सरपंच पति के खाते में राशि आहरण का मामला

सड़क निर्माण और आंगनबाड़ी बोर खनन में अनियमितता की शिकायत, ग्रामीणों ने उच्च स्तरीय जांच की उठाई मांग
डमरू कश्यप
01 अगस्त 2026, बकावंड विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत किंजोली में 15वें वित्त आयोग योजना के तहत वर्ष 2025-26 में स्वीकृत कार्यों में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सड़क निर्माण कार्य के नाम पर स्वीकृत राशि में गड़बड़ी किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि 12 अक्टूबर 2025 को सरपंच पति प्रकाश कश्यप के नाम पर लगभग 2 लाख 45 हजार रुपये की राशि आहरित की गई है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के अधिकांश कार्यों का संचालन सरपंच के स्थान पर उनके पति द्वारा किया जाता है, जबकि नियमों के अनुसार पंचायत की राशि परिवार के सदस्य के नाम पर आहरित करना नियमों के विरुद्ध माना जाता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले में वित्तीय अनियमितता की आशंका है और पंचायत में योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है।
वहीं दूसरी ओर पंचायत में संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़े कार्यों में भी गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 4 आवास पारा में बोर खनन के नाम पर नरेश बोरवेल को लगभग 1 लाख रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अलावा आंगनबाड़ी केंद्र पुजारी पारा में भी बोर खनन के लिए नरेश बोरवेल के नाम पर लगभग 1 लाख रुपये का भुगतान दर्ज बताया जा रहा है।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि दोनों स्थानों पर जमीन पर बोर खनन का कोई स्पष्ट निशान दिखाई नहीं देता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत में योजनाओं की राशि का सही उपयोग नहीं किया गया और इस मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि वास्तव में कार्य नहीं हुए हैं तो यह सरकारी राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला हो सकता है। ऐसे में पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
अब देखने वाली बात यह होगी कि इस मामले में जनपद पंचायत सीईओ क्या संज्ञान लेते हैं और क्या पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हैं या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह अनदेखा रह जाता है।




