जगदलपुर में पुलिस विभाग का बड़ा घोटाला: वेतन रिकॉर्ड से लोन भुगतान तक फर्जीवाड़ा, 3 आरोपी गिरफ्तार

जगदलपुर, 01 जुलाई 2026। बस्तर पुलिस विभाग की वेतन शाखा में करोड़ों रुपये के कथित वित्तीय घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ है। वेतन शाखा में पदस्थ तीन कर्मचारियों पर पिछले दो वर्षों के दौरान वेतन अभिलेखों में हेराफेरी कर तथा लोन भुगतान के नाम पर फर्जीवाड़ा कर सरकारी राशि का गबन करने का आरोप है। मामले का खुलासा नियमित ऑडिट के दौरान हुआ, जिसके बाद विभागीय जांच में अनियमितताओं की पुष्टि होने पर तीनों आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
बस्तर एसपी शलभ सिन्हा ने बताया कि वेतन शाखा और अन्य शाखाओं में कार्यरत तीन कर्मचारियों ने सुनियोजित तरीके से वेतन संबंधी रिकॉर्ड में हेरफेर कर तथा लोन वितरण के नाम पर फर्जी भुगतान कर करोड़ों रुपये का गबन किया। ऑडिट में गड़बड़ी सामने आने के बाद मामले की विस्तृत जांच एक डीएसपी रैंक के अधिकारी को सौंपी गई।
जांच में गड़बड़ी की पुष्टि, तीनों भेजे गए जेल
विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने पर संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस के अनुसार जांच अभी जारी है और प्रारंभिक जांच में अन्य लोगों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। संभावित संलिप्त कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों की सूची तैयार कर पूछताछ शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
इस बड़े वित्तीय घोटाले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग की वित्तीय कार्यप्रणाली और आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच में और कितने नाम सामने आते हैं तथा सरकारी खजाने को हुए वास्तविक नुकसान का आंकड़ा कितना निकलता है।




