चंगाई सभा में हंगामा: धर्मांतरण के आरोपों पर बढ़ा विवाद, हिंदू संगठन और ईसाई समुदाय आमने-सामने

कवर्धा, 9 जून 2026
छत्तीसगढ़ के कबीरधाम (कवर्धा) जिले के लालमाटी गांव में आयोजित एक चंगाई सभा को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। सभा में कथित तौर पर धर्मांतरण कराने के आरोप लगने के बाद हिंदू संगठन और ईसाई समुदाय के बीच तनाव की स्थिति बन गई। मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है और दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
हिंदू संगठनों का आरोप है कि चंगाई सभा के दौरान लोगों को प्रलोभन देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। वहीं ईसाई समुदाय के लोगों का कहना है कि विरोध के दौरान उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया।
बीमार बेटे को ठीक करने का दिया भरोसा
तरेगांव थाना क्षेत्र की एक बैगा आदिवासी महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका बेटा लंबे समय से बीमार था। इसी दौरान दो लोग उनके घर पहुंचे और कथित तौर पर कहा कि ईसा मसीह की आस्था अपनाने से सभी समस्याएं दूर हो जाएंगी। महिला का आरोप है कि उसके बेटे को यह भी कहा गया कि यदि वह ईसाई धर्म नहीं अपनाएगा तो उसकी हालत और खराब हो सकती है।
महिला के अनुसार, इन बातों से प्रभावित होकर परिवार ईसाई समुदाय से जुड़ गया, लेकिन बेटे के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं हुआ।
मूल धर्म में लौटने की इच्छा जताने पर धमकाने का आरोप
महिला ने शिकायत में यह भी कहा कि जब उसने अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मूल धर्म में वापस लौटने की इच्छा जताई, तब कुछ लोगों ने उसके घर पहुंचकर दबाव बनाया। आरोप है कि परिवार को जेल भेजने की धमकी तक दी गई और डराने-धमकाने का प्रयास किया गया।
इसके बाद ग्रामीणों ने कथित धर्मांतरण गतिविधियों का विरोध किया और मामले की जानकारी पुलिस को दी।
ईसाई समुदाय ने मारपीट का लगाया आरोप
दूसरी ओर, ईसाई समुदाय से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया है कि चंगाई सभा का विरोध करने पहुंचे कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट की और सभा में बाधा पहुंचाई। इस संबंध में भी पुलिस को शिकायत सौंपी गई है।
पुलिस कर रही दोनों पक्षों की जांच
मामले को लेकर पुलिस प्रशासन का कहना है कि दोनों पक्षों से शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पुलिस सभी तथ्यों और आरोपों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।




