तेल संकट के बीच केंद्र का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल और ATF निर्यात पर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स

नई दिल्ली 16/05/26 : वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने इन ईंधनों के एक्सपोर्ट पर लगने वाले स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी (SAED) यानी विंडफॉल टैक्स की नई दरें जारी कर दी हैं। नई दरें 16 मई 2026 से लागू हो गई हैं।
सरकार की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, अब पेट्रोल के निर्यात पर 3 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 16.5 रुपये प्रति लीटर और ATF पर 16 रुपये प्रति लीटर SAED लगाया जाएगा। वहीं रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस (RIC) को शून्य कर दिया गया है।
बता दें कि अप्रैल महीने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई थीं। इसके बाद सरकार ने डीजल और ATF पर टैक्स दरों में पहले भी बढ़ोतरी की थी। फिलहाल मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और तेल संकट के चलते वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगातार ऊंची बनी हुई हैं।
सरकार का कहना है कि विंडफॉल टैक्स बढ़ाने का उद्देश्य घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, ताकि तेल कंपनियां अधिक मुनाफे के लिए जरूरत से ज्यादा निर्यात न करें।
हालांकि राहत की बात यह है कि सरकार ने घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों पर फिलहाल कोई नया टैक्स नहीं लगाया है। यानी आम उपभोक्ताओं को अभी सीधे तौर पर अतिरिक्त बोझ का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण सरकार लगातार ईंधन बाजार पर नजर बनाए हुए है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय हालात के आधार पर तेल कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।




