
, डमरू कश्यप.
बस्तर, 06 अप्रैल 2026। बस्तर विधानसभा क्षेत्र के बकावंड ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कोसमी के निवासी धनुर्जय कश्यप को भारतीय जनता पार्टी ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपते हुए उन्हें मीडिया प्रभारी, सहकारिता प्रकोष्ठ, भाजपा जिला बस्तर नियुक्त किया है। इस नियुक्ति के बाद क्षेत्र के कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
धनुर्जय कश्यप को क्षेत्र में एक सक्रिय, मेहनती और जमीनी स्तर पर काम करने वाले आदिवासी वरिष्ठ नेता के रूप में देखा जाता है। उनकी कार्यशैली और संगठन के प्रति समर्पण को देखते हुए पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है।
छात्र जीवन से ही संगठन से जुड़ाव
2 जून 1978 को ग्राम कोसमी में जन्मे कश्यप ने बीएससी (जंतु विज्ञान) और एमएससी (पूर्व) वनस्पति विज्ञान तक शिक्षा प्राप्त की है। छात्र जीवन से ही वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से जुड़े रहे और यहीं से उनके सामाजिक-राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई।
मजबूत पारिवारिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि
कश्यप के परिवार का भी क्षेत्र में मजबूत जनाधार रहा है। उनके पिता स्व. जयदेव कश्यप 17 वर्षों तक अपराजित सरपंच रहे, वहीं उनकी माता स्व. मदना कश्यप 5 वर्षों तक सरपंच रहीं।
राजनीतिक सफर की शुरुआत वर्ष 2003 में बूथ लेवल प्रचारक के रूप में करने वाले कश्यप ने जनपद उपाध्यक्ष, भाजपा मंडल महामंत्री, भाजयुमो मंडल अध्यक्ष, लेम्पस सरगीपाल अध्यक्ष सहित कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। वर्ष 2020 से 2025 तक वे भाजपा मंडल अध्यक्ष बकावंड और जनपद सदस्य भी रहे।
जनपद अध्यक्ष पद तक का सफर
वर्ष 2024-25 में उन्होंने कांग्रेस के जनपद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें पद से हटाया और 7 महीनों तक निर्विरोध जनपद अध्यक्ष का दायित्व भी संभाला।
नई जिम्मेदारी पर जताया आभार
नई जिम्मेदारी मिलने पर धनुर्जय कश्यप ने बस्तर जिला भाजपा संगठन और प्रदेश के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो दायित्व सौंपा है, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि वे कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर संगठन को और मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य करेंगे।
क्षेत्र में बढ़ा राजनीतिक दबदबा
धनुर्जय कश्यप के मीडिया प्रभारी बनने से बकावंड सहित पूरे बस्तर क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। युवा नेतृत्व के रूप में उनकी सक्रियता और प्रभाव आने वाले समय में संगठन को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है।




