
जगदलपुर, 27 मार्च 2026। बस्तर के बोड़नपाल निवासी 14 वर्षीय छात्र उदय बघेल के लिए जीवन एक कठिन मोड़ पर आ गया था, जब कम उम्र में ही उसे गंभीर हृदय रोग ने जकड़ लिया। कक्षा 9वीं में पढ़ने वाला उदय, जो लामकेर के बालक छात्रावास में रहकर शिक्षा ग्रहण कर रहा था, अचानक सांस फूलने और कमजोरी की समस्या से जूझने लगा।
परिजनों द्वारा अस्पताल में कराई गई जांच में सामने आया कि उदय रुमैटिक हार्ट डिजीज जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है, जिसमें उसके दिल के वाल्व बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके थे। यह खबर परिवार के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं थी।
इसी संकट की घड़ी में जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र की टीम ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए उदय के उपचार की जिम्मेदारी संभाली। डॉ. शिवम और उनकी टीम ने न केवल मामले का गहन विश्लेषण किया, बल्कि परिवार को मानसिक संबल भी दिया और इलाज के लिए आवश्यक समन्वय शुरू किया।
समय की नाजुकता को देखते हुए उदय को तत्काल रायपुर स्थित एसएमसी हार्ट इंस्टीट्यूट भेजा गया, जहां आयुष्मान योजना के तहत बिना किसी आर्थिक बोझ के उसका इलाज सुनिश्चित किया गया। 25 मार्च को विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने उदय का जटिल डबल वाल्व रिप्लेसमेंट ऑपरेशन सफलतापूर्वक संपन्न किया।
ऑपरेशन के दौरान परिजनों की सांसें थमी रहीं, लेकिन जैसे ही डॉक्टरों ने सर्जरी के सफल होने की जानकारी दी, परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई।
आज उदय पूरी तरह सुरक्षित है और जल्द ही सामान्य जीवन की ओर लौटेगा। यह सफलता न केवल आधुनिक चिकित्सा की उपलब्धि है, बल्कि जिला प्रशासन और चिकित्सकों की संवेदनशीलता और समर्पण का जीवंत उदाहरण भी है।




