छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट पर घमासान: वित्तीय स्वीकृति को लेकर तीखी नोकझोंक, विपक्ष का वॉकआउट

रायपुर, 26 फ़रवरी 2026
छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के पांचवें दिन सदन में वित्तीय स्वीकृतियों को लेकर माहौल गरमा गया। प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने बजट में शामिल कार्यों को समय पर स्वीकृति न मिलने का मुद्दा उठाया, जिस पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए।
कांग्रेस विधायक संगीता सिंह ने पूछा कि बजट में शामिल किन-किन कार्यों की फाइलें वित्त विभाग में लंबित हैं और देरी क्यों हो रही है। जवाब में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने स्पष्ट कहा कि वित्त विभाग में कोई भी कार्य लंबित नहीं है।
इस पर विपक्ष ने सिंचाई और लोक निर्माण विभाग के कार्यों के अटके होने का आरोप लगाया। मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा किसी भी काम को लंबित रखने की नहीं है। मशीन उपकरण मद की सीमा 50 हजार से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपए और प्रशासकीय स्वीकृति की सीमा 2 करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए कर दी गई है, ताकि कार्यों में तेजी आए।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बालोद जिले के कार्यों का मुद्दा उठाते हुए तंज कसा कि स्वीकृति की घोषणा तो हो रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर फाइलें आगे नहीं बढ़ रहीं। मंत्री ने दोहराया कि हर कार्य की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है और नियमों के तहत ही स्वीकृति दी जाती है।
18 करोड़ रुपए की स्वीकृति पर भी दोनों पक्षों में बहस तेज हुई। विपक्ष ने मंत्री के जवाब को संतोषजनक नहीं माना और अंततः सदन से वॉकआउट कर दिया।
बजट सत्र के दौरान वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक प्रक्रिया को लेकर उठे इस विवाद ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।




