बस्तर पंडुम 2026 का भव्य समापन 9 फरवरी को, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

,,‘प्रकृति और परंपरा का उत्सव’ बस्तर पंडुम के समापन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता, केंद्रीय व राज्य मंत्रिमंडल की गरिमामयी उपस्थिति,,
जगदलपुर,। बस्तर अंचल सोमवार 09 फरवरी को एक ऐतिहासिक और भव्य आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है। राज्य शासन द्वारा आयोजित बस्तर पंडुम 2026 का समापन समारोह पूरी भव्यता और सांस्कृतिक गौरव के साथ संपन्न होगा। ‘प्रकृति और परंपरा का उत्सव’ के मूल मंत्र के साथ आयोजित यह महोत्सव बस्तर की माटी की खुशबू, जनजातीय अस्मिता और समृद्ध लोकसंस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रहा है।
समापन समारोह का आयोजन 09 फरवरी को प्रातः 11 बजे से किया जाएगा, जिसमें केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। समारोह की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं अरुण साव भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। समारोह में संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री दयालदास बघेल, उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े सहित अनेक वरिष्ठ मंत्री उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही बस्तर सांसद महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, अंतागढ़ विधायक विक्रम उसेंडी, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, भानुप्रतापपुर विधायक श्रीमती सावित्री मनोज मंडावी, बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी एवं जगदलपुर महापौर संजय पांडे सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर की लोककला, नृत्य, संगीत, पारंपरिक वेशभूषा, हस्तशिल्प और जनजातीय जीवनशैली को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसने देश-विदेश से आए दर्शकों को आकर्षित किया है।
बस्तर पंडुम 2026 का यह भव्य समापन समारोह न केवल बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा, बल्कि जनजातीय परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।




