नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति के साथ खुल रहे विकास और समृद्धि के नए द्वार: CM साय

रायपुर, 27 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी का श्रवण किया। इस दौरान प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और नवाचारों को ‘मन की बात’ के माध्यम से राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं। छत्तीसगढ़ के प्रयासों का लगातार उल्लेख प्रदेशवासियों के परिश्रम और सहभागिता को पहचान दिलाता है तथा स्थानीय स्तर पर बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान को कुपोषण के खिलाफ छत्तीसगढ़ की लड़ाई को जनभागीदारी से मजबूत करने वाली पहल बताया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने तथा इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया।
‘मन की बात’ में पोषण, पर्यावरण और ‘वोकल फॉर लोकल’ पर चर्चा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ की 138वीं कड़ी में आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति, जनगणना, सांस्कृतिक विरासत, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन और ‘वोकल फॉर लोकल’ सहित विभिन्न विषयों पर देशवासियों से संवाद किया।
सितंबर को पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने देश के विभिन्न हिस्सों में पोषण को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। इसी क्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान की चर्चा की।
छत्तीसगढ़ के नवाचारों की लगातार हो रही चर्चा
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा ‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों और नवाचारों को लगातार स्थान दिया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार का ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया का ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ भी चर्चा में रहे हैं।
उन्होंने बताया कि कोरिया का ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ स्थानीय जरूरत और जनभागीदारी से विकसित समाधान है, जिसमें किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं। इससे सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने के साथ भूजल स्तर बढ़ाने में भी सहायता मिलती है।
नक्सलवाद के प्रभाव से निकलकर विकास की नई राह पर क्षेत्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के साथ कांकेर का यह क्षेत्र भी लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। दूरस्थ अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर सरकार काम कर रही है।
लामकन्हार को 85 लाख रुपए के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम लामकन्हार में कुल 85 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की। इनमें शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में सीसी रोड के लिए 18 लाख रुपए तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपए शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा एवं बुनियादी अधोसंरचना को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है। इन विकास कार्यों से ग्रामीणों और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत लगाया अमरूद का पौधा
‘मन की बात’ कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल एवं संरक्षण का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग, विधायक विक्रम उसेंडी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।




