बस्तर में शहीदों की याद में 1,986 स्थानों पर जले दीये, सेवा और शांति के संकल्प से रोशन हुआ संभाग

बस्तर, 18 सितंबर 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के राष्ट्रसेवा एवं जनसेवा के संकल्प के तहत चल रहे सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गुरुवार को ‘बस्तर सेवा संकल्प अभियान’ के तहत संभाग के सातों जिलों में विशेष दीप प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। शहीदों की स्मृति, सुरक्षा जवानों के सम्मान और शांति, सेवा एवं नक्सलमुक्त बस्तर के संकल्प के साथ कुल 1,986 स्थानों पर दीप जलाए गए।
नक्सल हिंसा से प्रभावित गांवों, शहीद स्मारकों, पुनर्वास केंद्रों, सुरक्षा कैंपों और पुलिस थानों से लेकर पूर्व में अति नक्सल प्रभावित रहे गांवों तक दीपों की रोशनी दिखाई दी। कांकेर से लेकर झीरम घाटी, सुकमा के कोंटा और कर्रेगुट्टा पहाड़ियों तक दीप प्रज्ज्वलित किए गए।
अभियान के तहत 107 ऐसे गांवों में दीप जलाए गए, जहां पूर्व में बड़ी नक्सली घटनाएं हुई थीं और जवानों या आम नागरिकों की जनहानि हुई थी। इनमें बीजापुर के 40, सुकमा के 31, दंतेवाड़ा के 11, नारायणपुर के 11, कांकेर के 9, कोंडागांव के 3 और बस्तर के 2 गांव शामिल रहे।
बस्तर संभाग के 9 पुनर्वास केंद्रों और शहीद स्मारकों एवं प्रतिमा स्थलों से जुड़े 177 स्थानों पर भी दीप प्रज्ज्वलित कर शहीदों को नमन किया गया। इसी तरह नक्सल उन्मूलन अभियान में सुरक्षा जवानों को स्थानीय लोगों का सहयोग मिले, ऐसे 147 स्थानों पर भी दीप जलाए गए।
अभियान के तहत नक्सल उन्मूलन के उद्देश्य से स्थापित 393 सुरक्षा कैंपों में दीप प्रज्ज्वलित किए गए। वहीं संभाग के 122 पुलिस थानों में भी सेवा और सुरक्षा की ज्योति जलाई गई।
अभियान का सबसे व्यापक स्वरूप पूर्व में अति नक्सल प्रभावित रहे 1,031 गांवों में देखने को मिला। इन गांवों में भी दीप जलाकर शांति और विकास के नए दौर का संदेश दिया गया।
जिलेवार देखें तो बीजापुर में 824, दंतेवाड़ा में 273, कांकेर में 262, सुकमा में 245, नारायणपुर में 225, कोंडागांव में 99 और बस्तर में 58 स्थानों पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। इस तरह सातों जिलों में कुल 1,986 स्थानों पर सेवा संकल्प की ज्योति जली।
अभियान के दौरान जलाए गए दीप शहीदों के सम्मान, सुरक्षा जवानों के प्रति कृतज्ञता और बस्तर में शांति एवं विकास के संकल्प के प्रतीक बने। लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे क्षेत्रों में दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।




