छत्तीसगढ़ में बस सफर हुआ महंगा: नई किराया दरें राजपत्र में जारी, दिव्यांग यात्रियों को मिलेगी 50 प्रतिशत तक छूट

रायपुर, 13 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ में यात्री बसों से सफर करने वालों को अब अधिक किराया चुकाना होगा। राज्य सरकार ने साधारण, डीलक्स और वातानुकूलित सुपर लग्जरी बसों के लिए नई किराया दरें निर्धारित कर दी हैं। इस संबंध में अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित की गई है। नई व्यवस्था में दिव्यांग यात्रियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार किराये में 50 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रावधान भी किया गया है। वहीं, पात्र श्रेणियों के यात्रियों को निःशुल्क यात्रा के लिए 100 प्रतिशत किराया छूट मिलेगी।
साधारण बस में पहले 5 किलोमीटर का किराया 10 रुपये
राज्य सरकार की ओर से जारी नई दरों के अनुसार, साधारण बस सेवा में शुरुआती 5 किलोमीटर की यात्रा के लिए प्रति यात्री 10 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर के लिए 1.75 रुपये प्रति यात्री की दर से किराया देना होगा।
डीलक्स बस में देने होंगे 2.20 रुपये प्रति किलोमीटर
डीलक्स बस सेवा में शुरुआती 5 किलोमीटर का किराया 12 रुपये तय किया गया है। इसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए यात्रियों को 2.20 रुपये प्रति किलोमीटर की दर से भुगतान करना होगा।
एसी सुपर लग्जरी बसों की नई दरें भी जारी
वातानुकूलित सुपर लग्जरी बसों में शुरुआती 5 किलोमीटर की यात्रा के लिए 12 रुपये किराया निर्धारित किया गया है। इसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के लिए 3.30 रुपये प्रति यात्री देने होंगे।
वहीं, वातानुकूलित बसों में अलग-अलग श्रेणियों के लिए निम्न दरें निर्धारित की गई हैं:
- एसी अर्द्ध शयनयान: 3 रुपये प्रति यात्री।
- एसी शयनयान: 3.30 रुपये प्रति यात्री।
इन दरों के लागू होने से यात्रियों के यात्रा खर्च पर असर पड़ेगा। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों को निर्धारित दूरी और बस की श्रेणी के अनुसार किराया चुकाना होगा।
दिव्यांग यात्रियों को 50 प्रतिशत तक छूट
सरकार ने किराये में राहत देने के लिए भी प्रावधान किए हैं। निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले दिव्यांग यात्रियों को किराये में 50 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। इसके अलावा, निःशुल्क यात्रा के लिए पात्र श्रेणियों में शामिल यात्रियों को 100 प्रतिशत किराया छूट देने का प्रावधान है।
यात्रियों के बजट पर पड़ेगा असर
बस किराये की नई दरें निर्धारित होने से प्रदेश में रोजाना बसों से सफर करने वाले यात्रियों के बजट पर असर पड़ सकता है। खासकर कामकाज, पढ़ाई और अन्य जरूरी कार्यों के लिए नियमित रूप से बसों का इस्तेमाल करने वाले लोगों को अब यात्रा खर्च की योजना नई दरों के अनुसार बनानी होगी।




