सिग्नल है तो स्पीड क्यों नहीं? मधोता-खैरगुड़ा के ग्रामीणों का जियो से सवाल

बस्तर,10 सितंबर 2026
मोबाइल स्क्रीन पर नेटवर्क के सिग्नल दिखाई देते हैं, लेकिन इंटरनेट चलाने के लिए ग्रामीणों को अब भी इंतजार करना पड़ता है। मधोता क्रमांक-02, खैरगुड़ा और आसपास के गांवों में जियो की धीमी इंटरनेट सेवा को लेकर उपभोक्ताओं में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का सवाल है कि जब नेटवर्क उपलब्ध है तो इंटरनेट की रफ्तार इतनी धीमी क्यों है?
ग्रामीणों के मुताबिक, इस समस्या को लेकर सुशासन तिहार के दौरान ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा समाचार पत्रों के माध्यम से भी कई बार समस्या को सामने लाया गया। बावजूद इसके सेवा में स्थायी सुधार नहीं होने से उपभोक्ता खुद को अनदेखा महसूस कर रहे हैं।
रिचार्ज का पैसा पूरा, सेवा आधी क्यों?
ग्रामीण उपभोक्ताओं का कहना है कि मोबाइल रिचार्ज के लिए पूरी राशि समय पर ली जाती है, लेकिन जरूरत के समय इंटरनेट की गति कमजोर पड़ जाती है। ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल भुगतान, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं से जुड़े ऑनलाइन काम और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। कभी-कभार मोबाइल कॉल कनेक्ट नहीं होने की समस्या भी सामने आती है।
ग्रामीणों का कहना है कि डिजिटल इंडिया की सुविधाएं गांव तक पहुंचाने की बात हो रही है, लेकिन कमजोर इंटरनेट के कारण इन सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कंपनी की जवाबदेही पर उठे सवाल
उपभोक्ताओं ने जियो कंपनी से सवाल किया है कि क्षेत्र में नेटवर्क की वास्तविक क्षमता की जांच कब होगी, समस्या की तकनीकी वजह क्या है और ग्रामीणों को बेहतर सेवा कब तक मिलेगी?
ग्रामीणों ने मधोता-खैरगुड़ा क्षेत्र में तत्काल तकनीकी सर्वे, नेटवर्क क्षमता बढ़ाने और आवश्यकता के अनुसार नए उपकरण लगाने के साथ 5G सेवा शुरू करने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि अब सिर्फ शिकायत दर्ज कराना या आश्वासन मिलना पर्याप्त नहीं है। उपभोक्ता नियमित भुगतान कर रहे हैं तो कंपनी की जिम्मेदारी भी है कि उन्हें भरोसेमंद कॉलिंग और तेज इंटरनेट सेवा मिले। लंबे समय से समस्या बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है।




