छत्तीसगढ़बस्तर संभाग

भोपालपटनम के जंगल में मिली 3.65 अरब साल पुरानी चट्टान, सांसद महेश कश्यप बोले- बस्तर की धरती ने खोला पृथ्वी के इतिहास का नया अध्याय

जगदलपुर, 07 सितंबर 2026। बीजापुर जिले के भोपालपटनम क्षेत्र के जंगल में करीब 3.65 अरब वर्ष पुरानी चट्टान मिलने से बस्तर की भू-वैज्ञानिक विरासत को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। वैज्ञानिकों द्वारा चट्टान की आयु लगभग 3.65 अरब वर्ष आंके जाने को भारत के प्रारंभिक भू-वैज्ञानिक इतिहास को समझने की दिशा में महत्वपूर्ण खोज माना जा रहा है।

बस्तर सांसद महेश कश्यप ने इस खोज पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे बस्तर के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और समृद्ध परंपराओं के साथ-साथ अपनी धरती के भीतर छिपे करोड़ों-अरबों वर्षों के इतिहास के लिए भी महत्वपूर्ण है।

सांसद ने कहा कि भोपालपटनम क्षेत्र से सामने आया यह प्रमाण बस्तर की भू-वैज्ञानिक विरासत को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने की क्षमता रखता है। इतनी प्राचीन चट्टानों की मौजूदगी बस्तर को भू-वैज्ञानिक अध्ययन और शोध के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित कर सकती है।

उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की भू-वैज्ञानिक विशेषताओं को वैज्ञानिक शोध के माध्यम से और बेहतर ढंग से समझने की आवश्यकता है। बस्तर में प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक विरासत से जुड़े कई ऐसे स्थल मौजूद हैं, जिनका व्यापक शोध, संरक्षण और दस्तावेजीकरण किया जाना जरूरी है।

महेश कश्यप ने कहा कि संबंधित वैज्ञानिक संस्थानों और विशेषज्ञों से समन्वय कर बस्तर की भू-वैज्ञानिक संपदा के वैज्ञानिक अध्ययन, संरक्षण और दस्तावेजीकरण की दिशा में आवश्यक पहल की जाएगी। इसके लिए संबंधितों को आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि बस्तर की धरती में छिपा अरबों वर्षों का इतिहास आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान और गौरव की अमूल्य धरोहर है। इस अनमोल प्राकृतिक एवं वैज्ञानिक विरासत को सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।

Related Articles

Back to top button
You Cannot able to copy the content! All Reserved Rights of Bastar Dagar