बस्तर बाढ़ पर किरण देव का बड़ा कदम: CM साय और केंद्रीय मंत्री को पत्र, विशेष राहत पैकेज के साथ जोरा नाला की नई DPR की मांग

रायपुर,2 अक्टूबर 2026
बस्तर संभाग में आई भीषण बाढ़ को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री एवं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष सी.आर. पाटिल, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा को पत्र लिखा है। उन्होंने बाढ़ प्रभावितों के लिए विशेष राहत एवं मुआवजा पैकेज, तत्काल पुनर्वास और जोरा नाला की नई DPR तैयार करने की मांग की है।
किरण देव ने पत्र में कहा कि ओडिशा स्थित खातीगुड़ा बांध से अचानक भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया। इससे जगदलपुर शहर के कई वार्ड और ग्रामीण क्षेत्र जलमग्न हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि बाढ़ से फसलें नष्ट, मकान क्षतिग्रस्त और मवेशी बहने जैसी स्थिति बनी है।
विशेष राहत और मुआवजा पैकेज की मांग
देव ने बाढ़ में नष्ट हुई खरीफ फसलों के लिए प्रति एकड़ विशेष राहत राशि एनडीआरएफ मद से तत्काल स्वीकृत करने की मांग की है। क्षतिग्रस्त कच्चे और पक्के मकानों के प्रभावित परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्राथमिकता देने और जीवन-यापन के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही है।
इसके अलावा बहे पशुधन, छोटे व्यापारियों और दुकानदारों के नुकसान का सर्वे कराकर DBT के माध्यम से मुआवजा देने का आग्रह किया गया है।
जोरा नाला की नई DPR और बाढ़ प्रबंधन पर जोर
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने जोरा नाला की नई DPR तैयार कर उसे लागू करने की मांग की है। उन्होंने अनियंत्रित कटाव और इंद्रावती नदी के जल विचलन को नियंत्रित करने के लिए आधुनिक हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन कराने की बात कही।
देव ने जोरा नाला पर आधुनिक गेटेड रेगुलेटर स्ट्रक्चर, इंद्रावती बेसिन में सेंसर आधारित चेतावनी प्रणाली, कैचमेंट एरिया में पौधरोपण और मृदा संरक्षण जैसे उपायों का भी सुझाव दिया है।
उन्होंने केंद्रीय जल आयोग के तकनीकी मार्गदर्शन में इंद्रावती नदी की गाद हटाने के लिए ड्रेजिंग प्रोजेक्ट स्वीकृत करने तथा जगदलपुर में एकीकृत स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने की मांग भी की है।
देव ने केंद्र सरकार से बस्तर में अंतर-मंत्रालयीन केंद्रीय टीम भेजकर भौतिक सत्यापन कराने और विशेष बाढ़ राहत, जोरा नाला DPR एवं पुनरुद्धार पैकेज को जल्द स्वीकृति देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बस्तर के बाढ़ प्रभावितों के तात्कालिक पुनर्वास और भविष्य में बाढ़ की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राज्य और केंद्र स्तर पर ठोस कार्रवाई जरूरी है।




