दशहरे पर कब जलेगा रावण का पुतला? शाम 5:47 से शुरू होगा शुभ समय, शस्त्र पूजा के लिए भी जानें जरूरी बातें

रायपुर, 20 अक्टूबर। देशभर में आज मंगलवार को दशहरा यानी विजयादशमी का पर्व मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर माता सीता को उसकी कैद से मुक्त कराया था। बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक इस पर्व पर देशभर में रावण दहन किया जाएगा। कई स्थानों पर रावण के साथ कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले भी जलाए जाएंगे।
रावण दहन का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, दशहरे पर रावण दहन के लिए प्रदोष काल को शुभ माना जाता है। 20 अक्टूबर को प्रदोष काल शाम 5 बजकर 47 मिनट से रात 8 बजकर 23 मिनट तक बताया गया है। इस अवधि में रावण दहन और विजयादशमी से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकते हैं।
दशहरे पर शस्त्र पूजा का महत्व
विजयादशमी के दिन शस्त्र पूजा की भी विशेष परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन शस्त्रों और औजारों की पूजा करने से विजय, शक्ति और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। परंपरागत रूप से लोग अपने अस्त्र-शस्त्र, वाहन और कार्य में उपयोग होने वाले उपकरणों की पूजा करते हैं।
बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है विजयादशमी
दशहरा केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि सत्य, धर्म और न्याय की जीत का संदेश भी देता है। इस दिन भगवान श्रीराम की पूजा, दान-पुण्य और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में मेले, रामलीला और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित कर पर्व की खुशियां मनाई जाती हैं।
नोट: शस्त्र पूजा का सटीक मुहूर्त स्थान और स्थानीय पंचांग के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। पूजा करने से पहले स्थानीय पंचांग की पुष्टि करें।




