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विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व 2025 : डेरी गड़ाई रस्म संपन्न, मां दन्तेश्वरी के रथ निर्माण की शुरुआत

जगदलपुर, 05 सितंबर 2025।
छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में मनाए जाने वाले विश्व प्रसिद्ध ऐतिहासिक बस्तर दशहरा पर्व की दूसरी प्रमुख रस्म ‘डेरी गड़ाई’ आज पूरे धार्मिक उत्साह और पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। इस रस्म के साथ ही मां दंतेश्वरी की रथ परिक्रमा के लिए नए रथ निर्माण का कार्य औपचारिक रूप से आरंभ हो गया।

डेरी गड़ाई रस्म के तहत बिरिंगपाल गांव से लाई गई साल की पवित्र टहनियों को सिरहासार में विधिविधानपूर्वक गाड़ा गया। मंत्रोच्चार, पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन और परंपरागत रीति-रिवाजों के बीच यह रस्म पूरी भव्यता के साथ संपन्न हुई। इसी अवसर पर रथ निर्माण की अनुमति हेतु विशेष पूजा-अर्चना भी की गई।

कार्यक्रम में बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष एवं सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण देव, महापौर संजय पांडे, बस्तर कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर हरिस एस, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन सहित जनप्रतिनिधि, पारंपरिक संस्था के मांझी-चालकी, नाइक-पाइक, मेंबर-मेंबरिन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल हुए।

इस मौके पर महिलाओं ने हल्दी खेलने की परंपरा निभाई। वे एक-दूसरे पर हल्दी छिड़ककर उत्सव की खुशी साझा करती रहीं। यह परंपरा स्थानीय संस्कृति की जीवंतता और सामुदायिक एकता का प्रतीक मानी जाती है।

अब रथ निर्माण का कार्य झाड़ उमरगांव और बेड़ा उमरगांव के संवरा जाति के पारंपरिक कारीगर करेंगे। बिना आधुनिक उपकरणों के, पूरी तरह पारंपरिक तकनीक और औजारों से तैयार यह रथ बस्तर की अनूठी सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक माना जाता है।

रथ का उपयोग बस्तर दशहरा में मां दंतेश्वरी की भव्य शोभायात्रा और परिक्रमा में होगा। यह परिक्रमा पर्व का केंद्रीय आकर्षण होती है, जिसमें हजारों श्रद्धालु और देश-विदेश से आए पर्यटक शामिल होकर इस अद्भुत सांस्कृतिक विरासत के साक्षी बनते हैं।

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