मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद से बस्तर सहित संपूर्ण छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होगा – गृह मंत्री अमित शाह



“बस्तर ओलंपिक का भव्य समापन, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रहे मौजूद”


जगदलपुर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उनका आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया गया। उनके साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी पहुंचे। एयरपोर्ट पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, बस्तर सांसद महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग सहित जनप्रतिनिधियों एवं वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर बेवरेज कॉरपोरेशन के अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी, डीजीपी अरुणदेव गौतम, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर हरीश एस. एवं एसपी शलभ सिन्हा सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।
इसके पश्चात “करसाय ता बस्तर, बरसाय ता बस्तर” के प्रेरक संकल्प के साथ आयोजित प्रतिष्ठित बस्तर ओलंपिक का भव्य समापन समारोह 13 दिसंबर को इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम, जगदलपुर में संपन्न हुआ। खेल और संस्कृति के इस महाकुंभ में देश-प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।
समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि कभी यह माना जाता था कि बस्तर से नक्सलवाद समाप्त नहीं होगा, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से यह संभव हो रहा है। नियद नेल्लानार जैसी योजनाओं के माध्यम से सड़क, पानी और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं अब अंदरूनी इलाकों तक पहुंच रही हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष बस्तर ओलंपिक में 3 लाख 91 हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया, जिनमें 2 लाख से अधिक बेटियां शामिल रहीं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गांव रोशन योजना का शुभारंभ भी किया, जिसके तहत इंद्रावती टाइगर रिजर्व क्षेत्र के आसपास 1500 एलईडी लाइटें लगाई जाएंगी। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मां दंतेश्वरी के आशीर्वाद से बस्तर सहित पूरा छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि वे 2024 और 2025 के बाद 2026 के नवंबर-दिसंबर में भी बस्तर ओलंपिक में शामिल होने आएंगे और तब तक बस्तर की फिजा पूरी तरह बदल चुकी होगी।
गृह मंत्री ने यह विश्वास भी जताया कि वर्ष 2030 तक बस्तर संभाग के सभी सातों जिलों को देश के सबसे विकसित संभागों में शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत विश्व में अतुलनीय है और इसे वैश्विक पहचान दिलाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत हैं।
समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री अरुण साव व विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप व भोजराज नाग, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव सहित अनेक विधायक, जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न आयोगों-बोर्डों के अध्यक्षगण उपस्थित रहे। सभी ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए बस्तर ओलंपिक को शांति, विकास और नई उम्मीदों का प्रतीक बताया।




