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बस्तर के बकावंड में मजदूरी का घोटाला : 32 ग्रामीणों की 1.80 लाख रुपये अटकी; वेट गार्ड पर गबन का आरोप

डमरू कश्यप

बस्तर, 03 सितंबर 2025

बकावंड वन परिक्षेत्र के कौड़ावंड–दाबगुड़ा संधि क्षेत्र में मजदूरी भुगतान को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है। जुलाई 2024 में जंगल की छटाई और सफाई का काम मजदूरों से करा लिया गया, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी उनकी मेहनत की कमाई अब तक नहीं मिली।

ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के वेट गार्ड ऋषभ ठाकुर ने 32 मजदूरों की कुल 1.80 लाख रुपये की मेहनताना हड़प ली। मजदूरों ने बताया कि उन्हें रोजाना 374 रुपये की दर से काम का भुगतान मिलना था, लेकिन रकम उनके खातों तक कभी नहीं पहुंची और किसी और के खाते में जमा कर निकाल ली गई।

मजदूरों का आरोप
दाबगुड़ा गांव के मजदूर लक्ष्मण नागेश, जगबंधु और पितम समेत कई अन्य लोगों ने वेट गार्ड ऋषभ ठाकुर पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि:

“सालभर से हमें बस आश्वासन मिलता रहा कि ‘आज-कल पैसा आ जाएगा’। लेकिन हकीकत यह है कि रकम किसी और खाते में डालकर निकाल ली गई। यही वजह है कि भुगतान में इतना समय लगाया गया।”

मजदूरों ने यह भी कहा कि फिलहाल सिर्फ 32 लोग ही सामने आए हैं, जबकि कई और मजदूरों की रकम भी अटकी हुई है।

चेतावनी – शिकायत और आंदोलन करेंगे
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अगर जल्द ही उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे और आंदोलन पर उतरेंगे।

विभाग की चुप्पी सवालों के घेरे में
मामले में बकावंड रेंजर श्री मानिकपुरी से जब जानकारी ली गई तो उन्होंने मजदूरों की राशि भुगतान की प्रक्रिया को लेकर उलझन भरे और अस्पष्ट जवाब दिए। ग्रामीणों का कहना है कि मामला सीधे-सीधे मजदूरों के हक पर डाका डालने का है और उन्होंने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।


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