भाटपाल पंचायत के ग्रामीणों ने पट्टा निरस्तीकरण के लिए सौंपा ज्ञापन, फर्जी तरीके से आदिवासी भूमि बिक्री का आरोप


भाटपाल पंचायत के ग्रामीणों ने पट्टा निरस्तीकरण के लिए सौंपा ज्ञापन, फर्जी तरीके से आदिवासी भूमि बिक्री का आरोप

बस्तर! बस्तर विकासखंड के ग्राम पंचायत भाटपाल के आश्रित ग्राम भूरसुण्डी के ग्रामीणों ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर फर्जी तरीके से बने पट्टों को निरस्त करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। सरपंच अमृत कश्यप के नेतृत्व में पहुंचे ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 1987 में रूकमणी बघेल द्वारा खसरा क्रमांक 113 पर बिना ग्रामसभा की अनुमति के गलत तरीके से पट्टा बनवाया गया था। इसके बाद 1995 में इस जमीन को शासकीय भूमि के रूप में अलॉटमेंट कर दिखाया गया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्तमान में रूकमणी बघेल ने उक्त शासकीय जमीन को फर्जी तरीके से एस.टी. जोशेफ नामक व्यक्ति को बेच दिया है। ग्रामीणों ने मांग की कि ऐसे फर्जी पट्टों को तत्काल निरस्त किया जाए और जमीन दलालों पर सख्त कार्यवाही हो।
हालांकि, किसी कारणवश कलेक्टर से प्रत्यक्ष मुलाकात संभव नहीं हो सकी, जिसके चलते ज्ञापन अपर कलेक्टर को सौंपा गया। अपर कलेक्टर ने इस मामले में तहसीलदार से चर्चा कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस दौरान छ. ग. सर्व आदिवासी समाज के युवा प्रभाग जिला अध्यक्ष बस्तर लखेश्वर कश्यप,भाटपाल के मांझी, सरपंच, पुजारी, पटेल, मुखिया,खुजाराम कश्यप,रामलाल,बसंत, पतिराम,सामनाथ,संतोष, कुरसो,अस्तु,बुधराम,पंडरु, सोन्साय,संपत पंच समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने कहा कि इन दिनों बाहरी लोगों द्वारा आदिवासी जमीनों पर फर्जी तरीके से कब्जा करने के कई मामले सामने आ रहे हैं, जिससे गांवों में आक्रोश की स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई, तो बड़े आंदोलन की तैयारी की जाएगी।




