भाटागुड़ा,बालीकोंटा और धनपूंजी में वीबी जीराम जी जनचौपाल आयोजित


,,सांसद महेश कश्यप की उपस्थिति में ग्रामीणों से हुआ सीधा संवाद,,

जगदलपुर। बस्तर जिले के भाटागुड़ा, बालीकोंटा एवं धनपूंजी ग्रामों में वीबी जीराम जी जनचौपाल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बस्तर सांसद महेश कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। जनचौपाल के दौरान सांसद ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं, सुझावों और आवश्यकताओं को गंभीरता से सुना।
जनचौपाल में ग्रामीणों द्वारा सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन वितरण, सिंचाई सुविधा, स्वास्थ्य सेवाएं एवं युवाओं के रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए। सांसद महेश कश्यप ने संबंधित विषयों पर त्वरित समाधान का आश्वासन देते हुए कहा कि जनचौपाल केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि जनता और जनप्रतिनिधियों के बीच विश्वास का मजबूत सेतु है।
सांसद महेश कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि यह अधिनियम केवल मजदूरी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि गांवों में स्थायी विकास मॉडल स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, परिवारों की आय में वृद्धि होगी और युवाओं को अपने क्षेत्र में ही सम्मानजनक रोजगार प्राप्त होगा।
उन्होंने आगे कहा कि विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने में ग्रामीण भारत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। जब गांव समृद्ध होंगे, तभी देश एक विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों ने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर विश्वास व्यक्त करते हुए जनप्रतिनिधियों के प्रति आभार प्रकट किया।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष लखिधर बघेल, जिला महामंत्री रजनीश पानीग्रही, जिला सहकारी बैंक उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा, जनपद अध्यक्ष पदलाम नाग, उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम कश्यप, जिला पंचायत सदस्य बिंदु साहू, मंडल उपाध्यक्ष सीमांचल दास, मंत्री सुरेश ठाकुर, मंत्री सरिता साहू, मंत्री मनोज पटेल, कोषाध्यक्ष संगीता महाराणा, जनपद सदस्य अनीता नागे, जनपद सदस्य भूपेंद्र ठाकुर, तपन राय, सुमन ठाकुर, खीरसागर यादव, देवकी ठाकुर, वीरेंद्र जोशी एवं तुलावती बघेल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जनचौपाल कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे सुनकर समाधान की दिशा में पहल करना लोकतंत्र की मजबूत मिसाल है। ऐसे आयोजनों से शासन और जनता के बीच संवाद और विश्वास दोनों सुदृढ़ होते हैं।




