बजट से युवाओं और किसानों में गहरी निराशा, ओपी ने प्रदेशवासियों को पहनाई टोपी — नरेन्द्र देवांगन

,,छत्तीसगढ़ बजट 2026 को लेकर कोंडागांव शहर कांग्रेस अध्यक्ष का भाजपा सरकार पर तीखा हमला,,
जगदलपुर,कोंडागांव। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 को लेकर कोंडागांव शहर कांग्रेस अध्यक्ष नरेन्द्र देवांगन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश के युवाओं, किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतरने में विफल रहा है। तथाकथित ट्रिपल इंजन सरकार से जनता को जिस विकासोन्मुख और जनकल्याणकारी बजट की अपेक्षा थी, उसके बिल्कुल उलट यह बजट केवल आंकड़ों और खोखले दावों तक सीमित है।
देवांगन ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने ऐसे कई योजनाओं के लिए बजट में राशि का प्रावधान किया है, जिनकी जमीनी उपयोगिता नगण्य है। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से सरकार विकास के नाम पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का काम कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि लंबे समय से स्कूलों के रसोइया कर्मचारी हड़ताल पर हैं, जिससे बच्चों को सूखा अनाज परोसा जा रहा है, लेकिन सरकार इस गंभीर विषय पर भी पूरी तरह मौन है। मुख्यमंत्री अपने ही घोषणाओं को मूर्त रूप देने में असहाय नजर आ रहे हैं।
,,बढ़ती महंगाई, धान खरीदी, बिजली बिल और रोजगार पर चुप्पी,,
नरेन्द्र देवांगन ने कहा कि यह बजट दस्तावेज प्रदेश की जमीनी समस्याओं के समाधान से अधिक केवल कागजी गणना जैसा प्रतीत होता है। किसानों के लिए धान खरीदी की पारदर्शी व्यवस्था, बढ़ती महंगाई से राहत, बिजली दरों में नियंत्रण और युवाओं के लिए स्थायी रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर कोई ठोस और प्रभावी रोडमैप सामने नहीं आया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। छोटे व्यापारी और मध्यम वर्ग आर्थिक दबाव में हैं, जबकि किसान लागत और न्यूनतम समर्थन मूल्य के अंतर से जूझ रहे हैं। ऐसे हालात में जनता को बजट से ठोस राहत की उम्मीद थी, लेकिन यह बजट गांव, गरीब, किसान, मजदूर और युवा—किसी की भी प्राथमिकताओं को केंद्र में नहीं रख सका।
,,35 हजार शिक्षक भर्ती और बीएड अभ्यर्थियों की अनदेखी,,
कोंडागांव शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि बजट में युवाओं के रोजगार को लेकर कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है। चुनाव के दौरान भाजपा द्वारा बस्तर क्षेत्र में स्थानीय भर्ती का जोर-शोर से प्रचार किया गया था, लेकिन अब उस दिशा में कोई पहल दिखाई नहीं दे रही है।
उन्होंने याद दिलाया कि सदन में 35 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बीएड अभ्यर्थी और संविदा कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हैं, फिर भी उनकी समस्याओं के समाधान के लिए बजट में कोई व्यवस्था नहीं की गई।
देवांगन ने यह भी कहा कि चुनाव के समय 500 रुपये में गैस सिलेंडर देने का वादा किया गया था, लेकिन इस बजट में उसका जिक्र तक नहीं है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए भी कोई स्पष्ट नीति या कार्ययोजना सामने नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी की गारंटी को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
अंत में नरेन्द्र देवांगन ने कहा कि यह बजट जनभावनाओं से कटे हुए शासन की तस्वीर पेश करता है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस जनता के मुद्दों को सड़क से सदन तक मजबूती से उठाती रहेगी और प्रदेशवासियों के हक की लड़ाई लगातार जारी रखेगी।




