इलेक्ट्रो होम्योपैथी के जनक डॉ. काउंट सीजर माटी की 217वीं जयंती भिलाई में हर्षोल्लास से मनाई गई



भिलाई (दुर्ग)। छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रो होम्योपैथी डॉक्टर एसोसिएशन के तत्वावधान में इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति के जनक डॉ. काउंट सीजर माटी की 217वीं जयंती इस्पात नगरी भिलाई-दुर्ग में भव्य एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाई गई। एकदिवसीय इस राज्यस्तरीय चिकित्सा सेमिनार में छत्तीसगढ़ के सभी जिलों से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सक, समाज प्रमुख एवं लाभार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक किया गया, जो अत्यंत सफल एवं यादगार रहा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में वैशाली नगर भिलाई विधायक राकेश सेन शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ इलेक्ट्रो होम्योपैथी एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निलेश थावरे ने की।
कार्यक्रम में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. वी.एस. राजपूत, कोषाध्यक्ष डॉ. भुवनेश्वर साहू, डॉ. बी.एल. साहू, डॉ. अशोक दुबे, डॉ. रवि प्रताप दुबे सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक मंचासीन रहे।
इस दौरान एसोसिएशन द्वारा विगत कई वर्षों से लंबित एक महत्वपूर्ण मांग को अतिथियों के समक्ष रखा गया। इसमें अन्य राज्यों, माननीय सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय एवं भारत सरकार के आदेशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ में भी इलेक्ट्रो होम्योपैथी पद्धति से चिकित्सा कार्य करने की शासन से अनुमति प्रदान किए जाने की मांग शामिल थी। मुख्य अतिथि किरण सिंह देव एवं विधायक राकेश सेन ने चिकित्सकों को आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह मांग शीघ्र पूरी कराने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों का कार्य समाजसेवा से जुड़ा है और सरकार इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निलेश थावरे ने अपने उद्बोधन में इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता, सिद्धांतों और जनस्वास्थ्य में इसके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. वी.एस. राजपूत ने संगठन की अब तक की गतिविधियों, संघर्ष और जनप्रतिनिधियों से मिले सहयोग की जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित लाभार्थियों ने भी इलेक्ट्रो होम्योपैथी से जटिल रोगों में मिले लाभ के अनुभव साझा किए और आमजन से इस पद्धति को अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर उपस्थित सभी चिकित्सकों एवं जनमानस ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा अतिथियों के प्रति आभार जताया। अंत में यह एकदिवसीय चिकित्सा सेमिनार समाजहित और चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायक आयोजन सिद्ध हुआ।




