शिक्षकों को निष्ठा, जिम्मेदारी और गुणवत्ता के साथ कार्य करने की जरूरत : दशमत कश्यप


शिक्षकों को निष्ठा, जिम्मेदारी और गुणवत्ता के साथ कार्य करने की जरूरत : दशमत कश्यप
बकावंड,करपावंड! संकुल स्तरीय बैठक में प्राचार्य दशमत कश्यप ने शिक्षकों से छात्रहित में समर्पित होकर कार्य करने का आह्वान किया। करपावंड और धनपुर संकुल के समस्त शिक्षकों की उपस्थिति में आयोजित बैठक में लगभग 25 एजेंडों पर चर्चा हुई। कश्यप ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों की प्राथमिकता पाठ्यक्रम निर्धारण और वार्षिक कार्य योजना के अनुसार पढ़ाई को समयबद्ध रूप से पूरा करना होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि टाइम टेबल तीन स्तरों पर बनाएं — स्कूल, कक्षा और व्यक्तिगत, और जनवरी तक कोर्स पूरा कर फरवरी-मार्च में रिवीजन व अप्रैल में परीक्षा के लिए छात्रों को तैयार करें। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी कक्षा खाली न रहे, इसके लिए प्राक्शी सिस्टम अपनाएं।
प्रैक्टिकल और ड्रॉपआउट पर विशेष जोर
हाई और हायर सेकेंडरी स्तर पर विज्ञान विषय के व्याख्याताओं और प्रयोगशाला सहायकों को माह में कम से कम दो प्रैक्टिकल कराने के निर्देश दिए गए, ताकि छात्रों की प्रयोगात्मक समझ विकसित हो सके। ड्रॉपआउट छात्रों को पुनः स्कूल से जोड़ने के लिए पालकों, जनप्रतिनिधियों और शिक्षा समितियों की मदद से विशेष कार्य योजना बनाने पर भी जोर दिया गया।
प्राथमिकता वाले बिंदुओं पर स्पष्ट निर्देश
प्राचार्य कश्यप ने शिक्षकों को UDISE डेटा, आधार कार्ड, जाति/आय/निवास प्रमाणपत्र अद्यतन करने, डेली डायरी भरने, आंगनबाड़ी से बच्चों का प्राथमिक स्कूलों में 100% एडमिशन सुनिश्चित करने, और विनोबा ऐप से सभी शिक्षकों को जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि सभी शिक्षक स्कूल समय से 15 मिनट पहले पहुंचे और प्रार्थना में भाग लें।
शिक्षा के प्रति समर्पण जरूरी
बैठक में उन्होंने कहा, “हमारी पदस्थापना ग्रामीण क्षेत्र में है जहां चुनौतियां हैं, लेकिन इन्हीं में हमारी परीक्षा है। हमें निजी स्कूलों की तरह काम करना चाहिए, क्योंकि हमारे शिक्षक कहीं से भी कम नहीं हैं।” उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे छात्रों की प्रगति के लिए अनुशासन और समर्पण के साथ कार्य करें, ताकि कोई भी छात्र शिक्षा से वंचित न रहे।
NEP 2020 को गति देने की अपील
श्री कश्यप ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को लागू करने के लिए ठोस कदम उठाने की बात कही और शिक्षा के सभी स्तरों पर विद्यार्थियों के T.C. के साथ अगले कक्षा में प्रवेश सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षक परस्पर संवाद बनाए रखें, विभागीय सूचनाएं साझा करें और तकनीकी जानकारी का आदान-प्रदान करें।
बच्चों की पहचान कर विशेष कार्य की जरूरत
कुछ शिक्षकों ने बैठक में किताबें देर से मिलने और पाठ्यक्रम में बदलाव की समस्या बताई, जिस पर प्राचार्य कश्यप ने आश्वासन दिया कि जैसे ही पुस्तकें मिलेंगी, सिलेबस बनाया जाएगा। उन्होंने कमजोर छात्रों की पहचान कर अतिरिक्त मेहनत करने की आवश्यकता भी जताई।
संकुलों से उत्कृष्ट कार्य की अपेक्षा
बैठक के अंत में कश्यप ने कहा कि उन्हें अपने शिक्षकों पर पूर्ण विश्वास है कि वे दोनो संकुलों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के क्षेत्र में ऊंचे स्तर तक ले जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमें जिस कार्य के लिए वेतन मिलता है, उससे हमारी रोजी-रोटी और परिवार चलता है — इसलिए पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करें।”
बैठक में संकुल के सभी शिक्षक उपस्थित रहे।




