
पखांजूर/गढ़चिरौली, 19 मार्च 2026। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिला में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। यहां 11 वरिष्ठ नक्सलियों ने पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इन सभी पर कुल 68 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सरेंडर करने वालों में संगठन के कई अहम पदों पर कार्यरत नक्सली शामिल हैं। इनमें 1 डिवीजनल कमेटी सदस्य (DVCM), 1 एरिया कमेटी सचिव, 1 PPCM, 1 कमांडर, 1 असिस्टेंट कमेटी सदस्य (ACM) समेत अन्य सदस्य शामिल हैं। ये लंबे समय से नक्सल गतिविधियों में सक्रिय थे और सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए थे।
नक्सल अभियान को मिल रही लगातार सफलता
आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 से अब तक 123 नक्सली आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जबकि 2005 से अब तक कुल 794 नक्सली मुख्यधारा में लौटे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि गढ़चिरौली में नक्सल गतिविधियां अब सिमटकर मुख्य रूप से भामरागढ़ क्षेत्र तक सीमित रह गई हैं, जो पहले की तुलना में बड़ी गिरावट को दर्शाता है।
पहले भी लगा था बड़ा झटका
इससे पहले 15 अक्टूबर 2025 को शीर्ष माओवादी नेता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव समेत 61 नक्सलियों ने 54 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया था। इस घटना ने दंडकारण्य क्षेत्र में नक्सल आंदोलन को बड़ा झटका दिया था।
आत्मसमर्पण करने वालों को मिलेगी सहायता
सरेंडर करने वालों में सोनी उर्फ बाली मट्टामी, बुदरी उर्फ रामबत्ती मट्टामी, सुखलाल कोक्सा, शांति तेलामी, यमुनक्का पोट्टी पेंदाम सहित कुल 11 नक्सली शामिल हैं। सरकार की पुनर्वास नीति के तहत इन्हें 4 लाख से 8.5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। समूह में सरेंडर करने पर 10 लाख रुपये अतिरिक्त और पति-पत्नी नक्सलियों को 1.5 लाख रुपये अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार सख्त कार्रवाई और पुनर्वास नीति के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।




