बस्तर में उल्लास महापरीक्षा का सफल आयोजन, 5000 से अधिक नवसाक्षरों ने लिया भाग



बस्तर।बस्तर ब्लॉक में 7 दिसंबर 2025, रविवार को आयोजित उल्लास महापरीक्षा ने पूरे क्षेत्र में सीखने की नई रोशनी जलाई। हजारों नवसाक्षरों का उत्साह इस बात का प्रमाण था कि शिक्षा के प्रति जागरूकता अब गांव-गांव में गहराई तक पहुँच रही है। परीक्षा केंद्रों पर महिलाओं, युवाओं, बुजुर्गों और यहाँ तक कि पहली बार कलम पकड़ने वाले ग्रामीणों की उपस्थिति ने इस अभियान को एक सामाजिक आंदोलन का रूप दे दिया।
मधोता सेक्टर के रेटावंड, खड़कामधोता, कुंडगुडा, रोतमा, मुंडागांव, गुरिया, राजपुर, केशरपाल, तुरपुरा, बनियागांव, भोंड सहित बस्तर ब्लॉक के सभी संकुलों में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी पहुँचे। कुल मिलाकर लगभग 5000 लोगों ने इस महापरीक्षा में भाग लेकर साक्षरता के इस महाअभियान को अभूतपूर्व सफलता दिलाई। कई जगहों पर मां-बेटी और पिता-पुत्र का साथ बैठकर परीक्षा देना इस अभियान की सबसे प्रेरणादायक तस्वीरों में शामिल रहा।
बस्तर खंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन स्वयं अंतिम सुदूर क्षेत्रों—मांदलापाल, पाथरी और कांवड़गांव—तक पहुँचीं और व्यवस्था की बारीकी से समीक्षा की। एक केंद्र पर जब एक महिला अपने दूध पीते शिशु को लेकर परीक्षा देने पहुँची, तो खंड शिक्षा अधिकारी ने स्वयं उसकी पर्ची भरवाई और उसे परीक्षा में बैठाकर इस अभियान के मानवीय पहलू को और मजबूत किया।
शासन-प्रशासन द्वारा गठित विशेष मॉनिटरिंग टीमों ने पूरे आयोजन में अनुशासन, शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित की। वरिष्ठ अधिकारियों ने लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाए रखा। “उल्लास नवभारत महापरीक्षा” का मूल उद्देश्य स्पष्ट है — क्षेत्र का कोई भी नागरिक असाक्षर न रहे और सभी को सीखने का समान अवसर मिल सके।
इस विशाल आयोजन में
खंड शिक्षा अधिकारी भारती देवांगन,
बीआरसी अजम्बर कोरार्म,
नोडल देवेंद्र सोनी,
सेक्टर नोडल – डमरू दास पंत, खुरेश मंडावी, आयतु राम पाढ़े, कृष्णा सिंह ठाकुर, चंद्रशेखर स्वादू, विकास रावटे,
सभी संकुलों के सीएसी एवं शिक्षकगणों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।




