प्रयास आवासीय विद्यालय में जीवन कौशल और तनाव प्रबंधन पर विशेष सत्र


,,खेल-खेल में बच्चों ने सीखी मानसिक मजबूती और सकारात्मक सोच की कला,,

जगदलपुर, 18 फरवरी 2026। बस्तर जिला प्रशासन द्वारा विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने और परीक्षा-जनित तनाव को कम करने के उद्देश्य से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में बुधवार को जगदलपुर स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय में जीवन कौशल, मानसिक सशक्तिकरण एवं तनाव प्रबंधन पर एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।
कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं स्पर्श क्लिनिक के विशेषज्ञों द्वारा आयोजित इस सत्र में छात्रों को पुस्तकीय ज्ञान से हटकर व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से जीवन जीने की कला सिखाई गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत बनाना और उनमें आत्मविश्वास का संचार करना रहा।
सत्र के दौरान चाइनीज व्हिस्पर जैसे खेल के माध्यम से प्रभावी संवाद और संचार कौशल का महत्व समझाया गया। इस गतिविधि ने बच्चों को यह अनुभव कराया कि संदेश एक व्यक्ति से दूसरे तक पहुँचते-पहुँचते कैसे बदल सकता है और जीवन में स्पष्ट संवाद कितना आवश्यक है। वहीं, सकारात्मक एवं नकारात्मक सोच के प्रभाव को समझाने के लिए गुब्बारे फुलाने की रोचक गतिविधि कराई गई, जिससे यह संदेश दिया गया कि सकारात्मक विचार हमारे व्यक्तित्व को विस्तार देते हैं, जबकि नकारात्मकता मानसिक रूप से कमजोर कर सकती है।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण चिकन डांस जैसी ऊर्जावान गतिविधियाँ रहीं, जिन्होंने विद्यार्थियों के संकोच को दूर कर उन्हें खुलकर अभिव्यक्ति का अवसर प्रदान किया। इन रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से विशेषज्ञों ने बताया कि खेल, संगीत और रचनात्मकता तनाव को कम करने में प्रभावी भूमिका निभाते हैं।
सामुदायिक नर्सिंग अधिकारी रूपेश मसीह एवं क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट आकाश मिंज ने बताया कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों के लिए अपनी भावनाओं को व्यक्त करना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार की गतिविधियाँ उन्हें एक सुरक्षित मंच प्रदान करती हैं, जहाँ वे अपनी छोटी-बड़ी उलझनों को बिना भय साझा कर सकते हैं।
सत्र के अंत में कक्षा 9वीं की छात्रा लतिका आचार्य सहित अन्य विद्यार्थियों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि खेल-खेल में मिली इस सीख ने जीवन के प्रति उनका दृष्टिकोण सकारात्मक बनाया है। विद्यार्थियों ने अनुभव साझा किया कि अब वे परीक्षा के दबाव और दैनिक चुनौतियों का सामना अधिक धैर्य और सही रणनीति के साथ कर पा रहे हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल को छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इस कार्यक्रम से न केवल विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ा है, बल्कि उन्हें एक खुशहाल, संतुलित और तनावमुक्त शैक्षणिक जीवन जीने की नई प्रेरणा भी मिली है।




