बस्तर में निर्माणाधीन स्टाफ डैम-पुलिया पर घोटाले की आहट: घटिया सामग्री, अवैध खनन और ठेकेदार की दबंगई से ग्रामीणों में उबाल

बकावंड (जिला बस्तर)। विकासखंड बकावंड के ग्राम पंचायत कोलवाल के आश्रित ग्राम राताखंडी में निर्माणाधीन स्टाफ डैम और पुलिया को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को विकास के नाम पर खुला भ्रष्टाचार बताते हुए तत्काल तकनीकी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते गुणवत्ता परीक्षण नहीं हुआ तो बरसात में यह ढांचा हादसे को न्योता दे सकता है।
घटिया निर्माण सामग्री का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में निम्नस्तरीय रेती और कमजोर गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। कंक्रीट की मजबूती पर भी सवाल उठाए गए हैं। बरसात के मौसम में डैम और पुलिया के बहने या क्षतिग्रस्त होने की आशंका जताई जा रही है।
सबसे गंभीर आरोप सीमेंट की गुणवत्ता को लेकर है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण में Chettinad Cement 53 ग्रेड और JK Lakshmi Cement के कथित रूप से निम्न गुणवत्ता वाले सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है। उनका दावा है कि यदि मानकों के अनुरूप सामग्री नहीं लगी तो यह सीधे जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ है।
अवैध खनन के आरोप
ग्रामीणों के अनुसार कुछ दिन पहले धनपुर क्षेत्र से बिना अनुमति रेती निकाली जा रही थी। विरोध के बाद कार्य अस्थायी रूप से बंद किया गया, लेकिन अब पाथरी नंदी क्षेत्र से अवैध खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए रेती (दर्रा) लाने का आरोप लगाया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि छोटे नदी-नालों से लगातार रेती निकासी से जलस्तर गिरने, मिट्टी कटाव बढ़ने और पर्यावरणीय नुकसान का खतरा बढ़ गया है। यह मामला अब केवल निर्माण गुणवत्ता तक सीमित नहीं, बल्कि संभावित पर्यावरणीय उल्लंघन का रूप ले चुका है।
ठेकेदार पर दबंगई का आरोप
ग्रामीणों का दावा है कि जब उन्होंने निर्माण की गुणवत्ता और खनन पर सवाल उठाए, तो ठेकेदार ने कथित रूप से कहा—“मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” इस बयान से गांव में आक्रोश और बढ़ गया है।
ग्रामीणों की मांगें
- निर्माण सामग्री की तत्काल तकनीकी और लैब जांच
- अवैध खनन व परिवहन की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच
- दोषी पाए जाने पर ठेकेदार के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं, लेकिन भ्रष्टाचार, घटिया निर्माण और अवैध खनन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं कि क्या इस मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।




