अरुण साव पर बयान को बताया ओछी व जातिवादी सोच का प्रतीक, माफी नहीं तो प्रदेशभर में होगा पुतला दहन आंदोलन

‘माफी नहीं तो प्रदेशभर में होगा पुतला दहन आंदोलन- गजानंद दास कुलदीप”भाजपा ओ.बी.सी वर्ग के प्रदेश सह मिडिया प्रभारी”
बस्तर | 04 जनवरी 2026,प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा दिए गए कथित आपत्तिजनक बयान ने प्रदेश की राजनीति में तीखा तूफान खड़ा कर दिया है। इस बयान को लेकर भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोलते हुए इसे ओछी, जातिवादी और पिछड़ा वर्ग विरोधी मानसिकता का खुला प्रमाण बताया है।
भाजपा ओ.बी.सी वर्ग मोर्चा के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी गजानंद दास कुलदीप ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने बयान को अविलंब वापस लेकर उपमुख्यमंत्री अरुण साव से सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगते हैं, तो भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा प्रदेश के हर जिले, चौक-चौराहे और प्रमुख मार्गों पर पुतला दहन कर व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगा।
गजानंद दास कुलदीप ने कहा कि कांग्रेस सत्ता से बाहर होने के बाद लगातार अनैतिक, अमर्यादित और विवादित बयानबाजी कर राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने का असफल प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की राजनीति शुरू से ही ओबीसी समाज के नेताओं को अपमानित करने और बदनाम करने की रही है, जिससे पिछड़ा वर्ग समाज में गहरा रोष और आक्रोश व्याप्त है।
उन्होंने दो टूक कहा कि भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा अपने समाज के नेताओं के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगा। यह प्रस्तावित आंदोलन कांग्रेस नेतृत्व को स्पष्ट संदेश देगा कि सत्ता जाने के बाद भी समाज के स्वाभिमान से खिलवाड़ करने की कीमत राजनीतिक रूप से चुकानी पड़ेगी।
पूर्व में प्रधानमंत्री पर की गई बयानबाजी का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी बार-बार अमर्यादित टिप्पणियां की गईं, जिसका करारा जवाब देश की जनता ने लगातार तीन लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को नकार कर दिया है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने यदि अपनी भाषा, सोच और राजनीति की दिशा में सुधार नहीं किया, तो आगामी विधानसभा चुनावों के बाद देशभर में उसकी स्थिति और अधिक दयनीय होने से कोई नहीं रोक पाएगा।
भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल एक बयान का विरोध नहीं, बल्कि पिछड़ा वर्ग समाज के सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई है। आने वाले दिनों में यदि माफी नहीं मिली, तो प्रदेश की सड़कों पर कांग्रेस के खिलाफ जनआक्रोश खुलकर देखने को मिलेगा।




