PMO Renamed as ‘Seva Teerth’: मोदी सरकार का बड़ा फैसला, नया कॉम्प्लेक्स बनेगा हाई-लेवल मीटिंग्स और नेशनल पॉलिसी मेकिंग का नया हब

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का नाम बदलकर ‘सेवा तीर्थ’ कर दिया है। यह नया कॉम्प्लेक्स, जो सेंट्रल विस्टा रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत बन रहा है, पहले ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ के नाम से जाना जाता था। अधिकारियों के अनुसार, यह वर्कस्पेस सेवा की भावना को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है और यहां नेशनल प्रायोरिटीज़ आकार लेंगी।
‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव’ में PMO के अलावा कैबिनेट सेक्रेटेरिएट, नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सेक्रेटेरिएट और इंडिया हाउस भी शामिल होंगे, जो उच्चस्तरीय बैठकों और रणनीतिक चर्चाओं का केंद्र बनेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में यह कदम उपनिवेशकालीन शाही ठिकानों की छवि बदलने और सार्वजनिक पदों की भावना को पुनर्परिभाषित करने की लगातार पहल का हिस्सा है। इसी क्रम में राजभवनों का नाम ‘लोकभवन’ और 7, रेस कोर्स रोड का नाम ‘7, लोक कल्याण मार्ग’ किया गया था। 2022 में राजपथ का नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ रखा गया।
सरकार के अनुसार, यह बदलाव केवल नाम परिवर्तन नहीं बल्कि शासन की सोच में बदलाव का प्रतीक है—जहां सत्ता, नियंत्रण और दूरी के पुराने संकेतों की जगह सेवा, कर्तव्य और जवाबदेही को केंद्र में रखा गया है।




