
,,जगदलपुर में मस्जिदों में अदा की गई विशेष नमाज, शहर की तरक्की और खुशहाली के लिए मांगी गई दुआ,
जगदलपुर।
“चिराग दिल के जलाओ कि ईद का दिन है,
तराने झूम के गाओ कि ईद का दिन है।”
ईद-उल-फितर के मुबारक मौके पर बस्तर जिले की मुस्लिम जमात की प्रमुख संस्था अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने समस्त अवाम को दिली मुबारकबाद पेश की। इस अवसर पर जगदलपुर की विभिन्न मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की गई और शहर की तरक्की, खुशहाली तथा अमन-चैन के लिए दुआ की गई।
अंजुमन इस्लामिया कमेटी के सदर एवं एडहॉक कमेटी के अध्यक्ष हाजी डॉ. शेख जहीरूद्दीन ने ईद के अवसर पर कहा कि आज के दौर में जब दुनिया में नफरत और मतभेद बढ़ते जा रहे हैं, ऐसे समय में ईद हमें भाईचारे और मोहब्बत का बड़ा पैगाम देती है। उन्होंने कहा कि सभी लोगों को अमन, मुहब्बत और आपसी सम्मान के साथ रहना चाहिए, चाहे वह किसी भी मजहब, जाति या भाषा से संबंध रखते हों। यही सच्ची इंसानियत और ईद का असली संदेश है।
उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अंजुमन इस्लामिया कमेटी के हर सामाजिक और धार्मिक कार्य में समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया। इफ्तार, सेहरी और तरावीह जैसी व्यवस्थाओं में समाज के लोगों की भागीदारी सराहनीय रही। उन्होंने सभी के लिए अल्लाह से बरकत और खुशहाली की दुआ की।
हाजी डॉ. शेख जहीरूद्दीन ने आगे कहा कि अगर नीयत साफ हो, इरादे मजबूत हों और जमात का साथ मिले, तो कोई भी ताकत समाज को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा कि कमेटी की जिम्मेदारी सिर्फ संस्था का संचालन करना नहीं, बल्कि समाज की अमानत की हिफाजत करना भी है।
उन्होंने बताया कि पिछले समय में कमेटी ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जो केवल कागजों तक सीमित नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाने वाले हैं। मुस्लिम समाज के सहयोग से कमेटी की आर्थिक व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया, बैंक खाता खोला गया तथा क्यूआर कोड के माध्यम से व्यवस्था को आधुनिक और सरल बनाया गया।
इसके साथ ही कमेटी की सभी संपत्तियों का रिकॉर्ड सरकारी पोर्टल पर दर्ज कराया गया, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। विकास कार्यों के तहत संगम दरगाह रोड के निर्माण के लिए राज्य सरकार से 86 लाख रुपये की स्वीकृति भी दिलाई गई, जो क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने यह भी बताया कि वर्षों से कब्जे में रही कई संपत्तियों को प्रशासन के सहयोग से मुक्त कराया गया, क्योंकि ये संपत्तियां पूरी जमात की अमानत हैं। कमेटी ने 6,53,317 रुपये की वसूली कर किराया व्यवस्था में सुधार किया, जिससे संस्था की आय को मजबूती मिली।
इसके अलावा कब्रिस्तान और अन्य जमीनों के सीमांकन की प्रक्रिया भी शुरू की गई, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद उत्पन्न न हो। जहां आवश्यकता पड़ी, वहां कमेटी ने सख्त फैसले भी लिए, जैसे दुकानों को सील करना या गलत व्यवस्थाओं को समाप्त करना। उन्होंने कहा कि इन फैसलों के दौरान कई दबाव और चुनौतियां भी आईं, लेकिन कमेटी ने हमेशा सच, न्याय और जमात के हित को सर्वोपरि रखा।
अंत में उन्होंने ईद-उल-फितर की हार्दिक बधाई देते हुए जगदलपुर की जागरूक जमात, मेहनती युवाओं, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम का भी आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह सब संभव हो सका।




