बसंत पंचमी पर मांझीपारा कावड़गांव में गूंजी ज्ञान-आराधना की स्वर लहरियां


बस्तर। बस्तर विकासखंड अंतर्गत मांझीपारा कावड़गांव स्थित प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला परिसर में बसंत पंचमी का पर्व पूरे श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। ज्ञान, विद्या और विवेक की देवी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जहां बच्चों, शिक्षकों एवं ग्रामीणों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष बना दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती देवांगन द्वारा मां सरस्वती की विधिवत पूजा कर किया गया। उन्होंने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं ग्रामीणों को बसंत पंचमी के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि “शिक्षा ही व्यक्ति के जीवन को सही दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम है।” उनके प्रेरणादायी उद्बोधन से बच्चों में सीखने के प्रति नया उत्साह देखने को मिला।
इस अवसर पर उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत परीक्षा में उत्तीर्ण नव साक्षरों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। प्रमाण पत्र प्राप्त करते समय नव साक्षरों के चेहरों पर आत्मगौरव, आत्मविश्वास और नई शुरुआत की झलक स्पष्ट दिखाई दी।
कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना, समूह नृत्य एवं देशभक्ति गीतों की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास ने आयोजन में जीवंतता भर दी।
बच्चों की मांग को ध्यान में रखते हुए खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा विद्यालय को प्रोजेक्टर उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया गया, जिससे डिजिटल माध्यम से शिक्षण को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
साथ ही आयोजित खेलकूद प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों एवं उपस्थितजनों को उल्लास नवभारत साक्षरता शपथ दिलाई गई, जिससे समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचा।
इस अवसर पर सीएसी चंद्रशेखर स्वादु, सीएसी देवेंद्र सोनी, सचिव सरिता ठाकुर, शिक्षक राजेन्द्र पानीग्राही, अविनाश पानीग्राही, जगन्नाथ नाग, पुरुषोत्तम ध्रुव सहित संकुल के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने यह संदेश स्पष्ट किया कि जब शिक्षा, संस्कृति और सामूहिक सहभागिता एक मंच पर आती है, तब गांवों में भी ज्ञान की अलख पूरे उजास के साथ जल उठती है।




