कोसमी में साक्षरता अभियान को नई गति—उल्लास नवभारत कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों की परीक्षा, शिक्षा के प्रति बढ़ी जागरूकता



बकावंड।बकावंड ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कोसमी में उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत हाई स्कूल, प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला में ग्रामीणों की साक्षरता परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन और निरीक्षण किया गया। यह आयोजन न केवल शिक्षा के प्रति ग्रामीणों की बढ़ती रुचि का प्रतीक है, बल्कि गांव में जागरूकता और सामाजिक विकास की दिशा में उठाया गया अत्यंत महत्वपूर्ण कदम भी है।
परीक्षा निरीक्षण के दौरान अध्ययनरत ग्रामीणों में गजब का उत्साह देखने को मिला। कई प्रतिभागियों ने बताया कि उम्र चाहे जो भी हो, सीखने की चाह ही इंसान को आगे बढ़ाती है। निरीक्षण टीम द्वारा उन्हें नियमित अध्ययन, साक्षरता अभियान में सक्रिय भागीदारी और शिक्षा के दैनिक जीवन में महत्व से अवगत कराया गया।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को समझाया कि शिक्षा केवल ज्ञान नहीं देती, बल्कि आत्मविश्वास, रोजगार के अवसर और समाज में सम्मानजनक स्थान भी प्रदान करती है। गांव में शिक्षा का प्रसार होने से आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर वातावरण, कौशल विकास और सामाजिक प्रगति सुनिश्चित होगी।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षकों और शिक्षिकाओं ने भी बताया कि अभियान के बाद गांव में पढ़ने-लिखने की ललक तेजी से बढ़ी है। लोग अब स्कूलों, प्रशिक्षण केंद्रों और ग्राम सभाओं में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं। यह बदली हुई मानसिकता ही गांव के भविष्य को उज्जवल बनाने का आधार बनेगी।
इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे—
सरपंच नीलम कुमार कश्यप,
दुरजो पटेल,
ग्राम कोटवार सुरेश कश्यप,
सत्यनारायण,
साथ ही स्थानीय विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में उत्साहित ग्रामीणजन।
प्रतिनिधियों ने ग्रामवासियों के इस सक्रिय सहभाग को सराहते हुए कहा कि साक्षरता ही वह शक्ति है जो आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक सभी स्तरों पर विकास के द्वार खोलती है।
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आउट्रो:
उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम की यह पहल कोसमी में शिक्षा का नया वातावरण बना रही है। बढ़ते जागरूकता स्तर और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी यह संकेत देती है कि गांव अब ज्ञान, विकास और आत्मनिर्भरता की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है।




