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बीजापुर में नक्सली आतंक का तांडव: मुखबिरी के शक में 25 दिन में 10 हत्याएं, धारदार हथियारों से दो ग्रामीणों की निर्मम हत्या, डर के साये में पूरा इलाका

बीजापुर में नक्सली आतंक का तांडव: मुखबिरी के शक में 25 दिन में 10 हत्याएं, धारदार हथियारों से दो ग्रामीणों की निर्मम हत्या, डर के साये में पूरा इलाका

रायपुर/बीजापुर, 21 जुलाई 2025:
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक बार फिर निर्मम हिंसा को अंजाम देते हुए दो ग्रामीणों की धारदार हथियारों से हत्या कर दी। यह वारदात तर्रेम थाना क्षेत्र के अंतर्गत रविवार रात को हुई, जिससे पूरे इलाके में सन्नाटा और भय का माहौल है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटना के पीछे जगरगुंडा कमेटी के नक्सलियों का हाथ है। चार से पांच अज्ञात माओवादी देर रात गांव में पहुंचे और दो ग्रामीणों—कवासी जोगा (55), निवासी छुटवाई गांव और मंगलू कुसराम (50), निवासी बारा तर्रेम को घर से बाहर बुलाकर धारदार हथियारों से बेरहमी से मार डाला। घटना के तुरंत बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है।


नक्सलियों का असली निशाना था पीड़ित का बेटा, पहले कर चुका है सरेंडर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक मंगलू कुसराम का बेटा नंदू पहले ही नक्सली संगठन छोड़कर पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुका है। घटना के वक्त नंदू घर पर मौजूद नहीं था। पुलिस को आशंका है कि नक्सली नंदू को मारने के इरादे से पहुंचे थे, लेकिन उसे न पाकर उसके पिता की हत्या कर दी।

इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में डर और आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और गश्त बढ़ा दी गई है।


25 दिन में मुखबिरी के शक में 10 हत्याएं

बीजापुर जिले में नक्सलियों ने पिछले 25 दिनों में 10 लोगों की हत्या कर दी है। इन मामलों में पुलिस मुखबिरी के संदेह को कारण बताया गया है। मारे गए लोगों में 6 ग्रामीण, 2 छात्र और 2 शिक्षा स्वयंसेवक शामिल हैं।


पहले भी की जा चुकी हैं क्रूर हत्याएं

17 जून 2025 को नक्सलियों ने पेड्डाकोरमा गांव में 13 वर्षीय छात्र, 20 वर्षीय कॉलेज छात्र और एक अन्य युवक की गला दबाकर हत्या कर दी थी।

लगभग 70-80 हथियारबंद नक्सली गांव में घुसे थे और कई अन्य किशोरों को अगवा कर पीटा गया था।

22 जून को पामेड़ थाना क्षेत्र के सेंदराबोर और एंपुर गांव में समैया और वेको देव को भी पुलिस मुखबिर बताकर मौत के घाट उतार दिया गया। समैया पूर्व नक्सली था, जिसने 2025 में आत्मसमर्पण किया था।


25 वर्षों में 1,821 हत्याएं, सबसे अधिक बीजापुर में

राज्य गठन के बाद से अब तक बस्तर संभाग में नक्सलियों द्वारा कुल 1,821 हत्याएं की गई हैं। इनमें सामान्य नागरिकों से लेकर जनप्रतिनिधि तक शामिल हैं। सबसे ज्यादा हत्याएं बीजापुर जिले में दर्ज की गई हैं, जो लंबे समय से नक्सल प्रभावित इलाका माना जाता है।


प्रशासन सतर्क, नक्सल ऑपरेशन तेज

बीजापुर पुलिस ने घटना के बाद नक्सल रेखा के भीतर सर्चिंग अभियान तेज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि मुखबिरी के नाम पर आम लोगों की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर संभव सख्त कदम उठाए जाएंगे।


यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि नक्सली अपने प्रभाव क्षेत्र में आतंक फैलाने और डर के दम पर वर्चस्व कायम करने की कोशिश में लगे हुए हैं। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती निर्दोष लोगों की सुरक्षा और सूचना देने वालों की पहचान की रक्षा है।

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