
रायपुर, 19 सितंबर 2025
दंतेवाड़ा में करोड़ों रुपए के फर्जी टेंडर घोटाले में कार्रवाई तेज हो गई है। आदिवासी विकास विभाग ने डिप्टी कमिश्नर डॉ. आनंदजी सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है।
दरअसल, डॉ. आनंदजी सिंह दंतेवाड़ा में सहायक आयुक्त रहते हुए करोड़ों रुपए के फर्जी टेंडर लगाने के आरोप में घिरे हैं। कलेक्टर की ओर से 2021 से 2024 तक विभाग के टेंडरों की जांच कराई गई थी, जिसमें भारी गड़बड़ियां सामने आईं। जांच में पाया गया कि आनंदजी सिंह और तत्कालीन सहायक आयुक्त केएस मेसराम के कार्यकाल में 45 फर्जी टेंडर लगाए गए थे।
खुलासा होने के बाद दोनों अफसरों और विभाग के एक बाबू के खिलाफ दंतेवाड़ा में एफआईआर दर्ज हुई थी। पुलिस ने दोनों अफसरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि विभागीय बाबू अब भी फरार है।
इस मामले में अब विभाग ने भी सख्ती दिखाते हुए डिप्टी कमिश्नर आनंदजी सिंह को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय आयुक्त आदिम जाति विभाग रायपुर रखा गया है। वहीं, सह आरोपी रहे केएस मेसराम पहले ही रिटायर हो चुके हैं।
👉 यह कार्रवाई प्रदेश में फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।




