राहुल गांधी से आदिवासी नेताओं की मुलाकात पर केदार कश्यप का हमला: पूछा- राज्यसभा में आदिवासी क्यों नहीं भेजे, बैज ने सवाल पूछने की हिम्मत दिखाई क्या?

राहुल गांधी से आदिवासी नेताओं की मुलाकात पर केदार कश्यप का हमला: पूछा- राज्यसभा में आदिवासी क्यों नहीं भेजे, बैज ने सवाल पूछने की हिम्मत दिखाई क्या?
रायपुर, 15 जुलाई 2025 — छत्तीसगढ़ के वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस और उसके शीर्ष नेतृत्व पर आदिवासी समाज को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की आदिवासी नेताओं से हालिया मुलाकात को “पाखंड” बताते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व अध्यक्ष मोहन मरकाम पर तीखा प्रहार किया है।
कश्यप ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी से मिलकर लौटे प्रदेश कांग्रेस नेता आदिवासी हितों की बजाय चाटुकारिता कर लौट आए। उन्होंने पूछा कि क्या दीपक बैज में यह हिम्मत थी कि वे राहुल गांधी से यह सवाल पूछते कि भूपेश सरकार के कार्यकाल में राज्यसभा के लिए किसी आदिवासी को क्यों नहीं भेजा गया? कांग्रेस ने तीनों राज्यसभा सीटें गैर-राज्यों के नेताओं को देकर छत्तीसगढ़ का अपमान किया।
कश्यप ने कांग्रेस पर आदिवासियों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे आदिवासी क्षेत्रों में धर्मांतरण और वर्ग संघर्ष के हालात पैदा हुए, लेकिन कांग्रेस चुप रही। उन्होंने पूछा कि जब बस्तर के कमिश्नर और सुकमा के एसपी की रिपोर्ट में धर्मांतरण से बिगड़ती स्थिति का जिक्र था, तब भूपेश बघेल ने कार्रवाई क्यों नहीं की?
वन मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भूपेश सरकार ने तेंदूपत्ता संग्राहकों और चरणपादुका योजना तक को बंद करवा दिया, लेकिन उस समय बैज और मरकाम ने कोई विरोध नहीं किया।
केदार कश्यप ने कहा, “जब भूपेश सरकार आदिवासियों से अन्याय कर रही थी, तब चुप रहने वाले लोग आज दिल्ली जाकर आदिवासी हितों की बात कर रहे हैं, यह सिर्फ ढोंग और दिखावा है।”
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि, “बैज क्या राहुल गांधी से यह पूछने की हिम्मत कर पाए, या फिर ‘सर नमस्ते’ करके लौट आए?”
भाजपा की इस आक्रामक प्रतिक्रिया से यह साफ है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस और आदिवासी मुद्दों को लेकर राजनीतिक टकराव और तेज हो सकता है।




