तीन साल से अधूरा सार्वजनिक शौचालय, गड्ढा बना खतरा; आमादुला के ग्रामीणों में नाराज़गी, बच्चों की सुरक्षा पर सवाल

बकावंड। विकासखंड बकावंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत तोगकोगेरा के आश्रित गांव आमादुला में स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के तहत बनने वाला सार्वजनिक शौचालय पिछले तीन वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद केवल गड्ढा और कॉलम खोदकर काम बीच में ही छोड़ दिया गया, जिसके बाद आज तक इसे दोबारा शुरू नहीं किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि शौचालय निर्माण की शुरुआत तो की गई थी, लेकिन उसे पूरा करने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई। वर्तमान में निर्माण स्थल पर सिर्फ गहरा गड्ढा ही पड़ा हुआ है, जो अब गांव के लोगों और खासकर बच्चों के लिए खतरा बन चुका है। ग्रामीणों के अनुसार पास में ही प्राथमिक शाला स्थित है, जहां पढ़ने वाले बच्चे अक्सर उसी जगह के आसपास खेलते रहते हैं। ऐसे में किसी भी समय दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
गांव के लोगों का आरोप है कि इस मामले में अब तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण नहीं किया है। वहीं पंचायत के सरपंच और सचिव भी इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण निर्माण कार्य लंबे समय से अधर में लटका हुआ है।
शौचालय अधूरा रहने के कारण गांव के लोगों को आज भी खुले में शौच के लिए जंगल का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें बाल्टी और लोटा लेकर रोजाना जंगल जाना पड़ता है, जहां सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीवों का खतरा भी बना रहता है। उनका कहना है कि अगर किसी के साथ कोई हादसा होता है तो इसकी जिम्मेदारी जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की होगी।
इस संबंध में जनपद पंचायत बकावंड के सीईओ से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि फिलहाल फंड की कमी के कारण निर्माण कार्य रुका हुआ है। फंड उपलब्ध होते ही शौचालय का निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया जाएगा।
वहीं इस मामले में सरपंच हरचंद कश्यप से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन दिए गए नंबर पर कॉल रिसीव नहीं किया गया।




