बकावंड वन परिक्षेत्र के कौड़ावंड – दाबगुड़ा संधि क्षेत्र में,1 साल बाद भी नहीं मिली मजदूरी, 32 ग्रामीणों की 1.80 लाख की रकम अटकी, वेट गार्ड पर गबन का आरोप



बकावंड: 1 साल बाद भी नहीं मिली मजदूरी, 32 ग्रामीणों की 1.80 लाख की रकम अटकी, वेट गार्ड पर गबन का आरोप

डमरू कश्यप, बकावंड । बकावंड वन परिक्षेत्र के कौड़ावंड-दाबगुड़ा संधि क्षेत्र में जुलाई 2024 में जंगल छटाई एवं साफ-सफाई का कार्य कराया गया था। इस काम में दाबगुड़ा गांव के 32 ग्रामीण मजदूरों ने 374 रुपये की दर से मेहनत की। मजदूरी की कुल राशि करीब 1 लाख 80 हजार रुपये बनती है। लेकिन आज तक मजदूरों को उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया।
मजदूरों हरिसिंह, बुधराम, फगनू, दशी, पदम, पुजेनू ,कुटीबानू, मडिया, नविना, बिसम, देविदास, दसमू, जगबंधु, कमल, डाहडरू, धनसाय, पहटू, लक्ष्मण, नकुल,धनुर,राजू,राजकुमार,सोनसाय, रामसिग ,धनसाय, लकी, राजेश, पुरन, मंगल, बोलो , लक्ष्चींनधर आदि ने आरोप लगाया है कि वेट गार्ड ऋषभ ठाकुर के माध्यम से यह कार्य कराया गया था, लेकिन भुगतान के नाम पर लगातार टालमटोल की जा रही है। मजदूरों का कहना है कि उनकी मेहनत की कमाई दूसरे लोगों के खाते में डालकर विट कार्ड से निकाल ली गई।
भुगतान न मिलने से मजदूरों में भारी आक्रोश है। वे आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वेट गार्ड ऋषभ ठाकुर पर सख्त कार्रवाई करते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच कर मजदूरों को उनका बकाया भुगतान तत्काल दिलाया जाए।




