भारत–नेपाल संसदीय मैत्री समूह में बस्तर सांसद महेश कश्यप की ऐतिहासिक एंट्री

,,जनजातीय बस्तर की आवाज़ अब अंतरराष्ट्रीय संसद में, क्षेत्र के लिए गौरव और आत्मसम्मान का क्षण,,
जगदलपुर। 18वीं लोकसभा के गठन के साथ भारत के अंतरराष्ट्रीय संसदीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इसी क्रम में भारत-नेपाल संसदीय मैत्री समूह में बस्तर से सांसद महेश कश्यप को सदस्य के रूप में नामित किया गया है। यह नामांकन बस्तर जैसे दूरस्थ, आदिवासी और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध अंचल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप ने ओम बिरला के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि भारत और नेपाल के संबंध केवल औपचारिक या सरकारी नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और साझा विरासत से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह जिम्मेदारी उनके लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक भूमिका और बस्तर की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करने का अवसर है।
सांसद महेश कश्यप ने भावुक शब्दों में कहा कि बस्तर जैसे जनजातीय क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करना प्रत्येक बस्तरवासी के आत्मगौरव को नई ऊँचाई देता है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे भारत और नेपाल के बीच संसदीय संवाद, आपसी सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोकतांत्रिक मूल्यों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि यह नामांकन इस बात का प्रमाण है कि अब देश की नीति-निर्माण प्रक्रिया में बस्तर जैसे क्षेत्रों की भूमिका और सहभागिता को गंभीरता से स्वीकार किया जा रहा है। यह विश्वास का वह संदेश है, जो अंतिम पंक्ति में खड़े समाज को मुख्यधारा से जोड़ता है।
गौरतलब है कि लोकसभा द्वारा गठित संसदीय मैत्री समूह भारत के विभिन्न देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने का सशक्त माध्यम हैं। भारत-नेपाल संसदीय मैत्री समूह के माध्यम से दोनों देशों के बीच पारस्परिक विश्वास और सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
बस्तर सांसद महेश कश्यप का यह नामांकन केवल एक राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान, संघर्ष और सम्मान की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति है। यह क्षण हर बस्तरवासी के लिए गर्व, विश्वास और नई उम्मीद का प्रतीक है।




