वन मंत्री केदार कश्यप ने की बिलासपुर वन विभाग की व्यापक समीक्षा, इको-टूरिज्म और तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित पर जोर


रायपुर, 28 सितंबर 2025: वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज बिलासपुर जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर विभाग के कामकाज की व्यापक समीक्षा की। उन्होंने इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए विस्तृत कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए और कहा कि बिलासपुर संभाग के पर्यटन स्थल जैसे अचानकमार अभ्यारण, कोपरा जलाशय, और अन्य वन्य क्षेत्र राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने में सक्षम हैं।
मंत्री कश्यप ने तेंदूपत्ता मजदूरों के बकाया भुगतान को दीपावली से पहले कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अगले वर्ष लगभग 12 लाख पुरुष संग्राहकों को चरण पादुका का वितरण किया जाएगा और इसके लिए उनका पैर नाप लेकर जल्द खरीदी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। उल्लेखनीय है कि इस वर्ष लगभग 12 लाख महिला संग्राहकों को चरण पादुका वितरित किया गया।
अचानकमार अभ्यारण में बाघों की संख्या में वृद्धि पर मंत्री ने खुशी जताई। अधिकारियों ने बताया कि पिछले दो-तीन वर्षों में शावक समेत बाघों की संख्या 5 से बढ़कर 18 हो गई है। मंत्री ने कहा कि अचानकमार केंद्रीय भारत का सबसे बड़ा पर्यटन हब बन सकता है और यहां तक पहुंच के लिए सभी तरह की परिवहन सुविधाओं का विकास किया जाए।
वन मंत्री ने कटघोरा वन मंडल में हाथी जागरूकता के लिए एआई आधारित ऐप की उपयोगिता की सराहना की और कहा कि हाथियों और मानव के बीच सुरक्षित सहअस्तित्व सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने वन पट्टा नामांतरण और बटवारा के लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटान के निर्देश भी दिए।
बैठक में ई-कुबेर ऐप, किसान वृक्षमित्र योजना, वन भूमि में अतिक्रमण और “एक पेड़ मां के नाम” जैसी योजनाओं की समीक्षा की गई और अधिकारियों को तेजी से काम कर लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए।
वन मंत्री केदार कश्यप ने स्पष्ट किया कि वन विभाग की सभी योजनाओं का लाभ आदिवासी और स्थानीय लोगों तक अधिकतम पहुंचना चाहिए, जिससे रोजगार और क्षेत्रीय विकास दोनों सुनिश्चित हो सके।




