बस्तर में नवीन पाठ्य-पुस्तक आधारित प्रशिक्षण का प्रथम चरण संपन्न

बस्तर। बस्तर विकासखंड के मधोता जोन में शिक्षकों को नई शिक्षा पद्धति से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। यहाँ नवीन पाठ्य-पुस्तक आधारित प्रशिक्षण के प्रथम चरण का सफल समापन हुआ, जिसमें FLN यानी फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।
यह प्रशिक्षण बस्तर विकासखंड के मधोता जोन में आयोजित किया गया, जिसमें दस संकुल के कुल 52 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया।
प्रशिक्षण का उद्देश्य था—नई पाठ्य-पुस्तकों के माध्यम से बच्चों की भाषा और गणितीय समझ को मजबूत करना। प्रशिक्षण में हिन्दी, गणित, अंग्रेजी, पर्यावरण, योग, खेलकूद और कला जैसे विषयों पर विशेष फोकस किया गया।
मुख्य प्रशिक्षकों हेमप्रकाश और विजय कश्यप ने शिक्षकों को FLN के चार प्रमुख खंडों पर डेमो के माध्यम से समझाया।
इस दौरान टीएलएम (Teaching Learning Material), शिक्षक संदर्शिका और अभ्यास पुस्तिका के प्रभावी उपयोग पर भी विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया, ताकि कक्षा में बच्चों की स्थानीय भाषा और अनुभवों का बेहतर उपयोग किया जा सके। नवीन शिक्षा नीति के तहत चल रहे निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को धरातल पर उतारने की दिशा में यह प्रशिक्षण मील का पत्थर साबित हो रहा है।
प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को कार्ययोजना बनाकर शालाओं में गुणवत्तापूर्ण अध्यापन के लिए तैयार किया गया है, जिससे बच्चों को मजबूत शैक्षणिक आधार मिल सके।
नवीन शिक्षा नीति के तहत चल रहे निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को धरातल पर उतारने की दिशा में यह प्रशिक्षण मील का पत्थर साबित हो रहा है।
प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को कार्ययोजना बनाकर शालाओं में गुणवत्तापूर्ण अध्यापन के लिए तैयार किया गया है, जिससे बच्चों को मजबूत शैक्षणिक आधार मिल सके।
प्रशिक्षण में मधोता जोन प्रभारी कृष्णा सिंह ठाकुर सहित मुख्य प्रशिक्षक हेमप्रकाश और विजय कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




