छत्तीसगढ़जगदलपुरबस्तर संभाग

कोण्डागांव के जंगल में भीषण आग, अधिकारी मौके पर जुटे – कर्मचारी हड़ताल पर

,,नारंगी वन परिक्षेत्र के आरएफ-843 में लगी आग, 15-20 जलाऊ चट्टे जलकर खाक — आग बुझाने जंगल के भीतर पहुंची दमकल,

जगदलपुर, कोंडागांव। एक ओर जहां वन विभाग के मैदानी कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर डीएफओ के खिलाफ मोर्चा खोलकर हड़ताल पर बैठे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग के वरिष्ठ अधिकारी जंगल में लगी भीषण आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार कोण्डागांव वनमंडल के नारंगी वन परिक्षेत्र अंतर्गत जिला मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित आरएफ-843 के जंगल में अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी और हालात गंभीर हो गए।

बताया जा रहा है कि जंगल में रखे लगभग 15 से 20 जलाऊ लकड़ी के चट्टे आग की चपेट में आ गए, जिससे भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग की तीव्रता को देखते हुए पहली बार दमकल की गाड़ी को जंगल के भीतर तक ले जाना पड़ा, ताकि आग पर जल्द से जल्द काबू पाया जा सके।

मौके पर संयुक्त वनमंडल अधिकारी (पश्चिम) डॉ. आशीष कोठरिवार, वनमंडल परिक्षेत्र अधिकारी प्रतीक वर्मा और वन परिक्षेत्र अधिकारी विजयंत तिवारी सहित वन विभाग की टीम मौजूद रहकर आग बुझाने में जुटी हुई है। संयुक्त डीएफओ, एसडीओ और रेंजर स्वयं मौके पर पहुंचकर आग बुझाने के कार्यों का नेतृत्व कर रहे हैं।

इधर विभाग के निचले स्तर के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर अड़े हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि डीएफओ की मनमानी के कारण उन्हें आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ा है। वहीं विभागीय अधिकारियों का कहना है कि गर्मी के मौसम में जंगलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, ऐसे समय में सभी कर्मचारियों का अपने कक्ष क्रमांक पर उपस्थित रहना और विभागीय कार्यों में सहयोग करना आवश्यक है।

फिलहाल वन विभाग की टीम लगातार मशक्कत कर आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रही है। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया तो आसपास के वन क्षेत्र और वन्यजीवों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

फिलहाल वन विभाग की टीम आग पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयासरत है, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल के बीच जंगलों की सुरक्षा और आग पर नियंत्रण बड़ी चुनौती बनती नजर आ रही है।

Related Articles

Back to top button
You Cannot able to copy the content! All Reserved Rights of Bastar Dagar